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हिंदुस्तानी संस्कृति में अभिवादन प्रणाम है, सलाम नहीं: योगेंद्र उपाध्याय

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पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। उच्च शिक्षा मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बुधवार को सीएसजेएमयू कैंपस में प्रेसवार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भारतीय संस्कृति, धर्मांतरण, परीक्षा व्यवस्था और शिक्षा से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी बात रखी।अभिवादन को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि हिंदुस्तानी यदि हिंदुस्तान की संस्कृति के अनुसार अभिवादन करेगा तो हाथ जोड़कर प्रणाम करेगा, सलाम नहीं। उन्होंने कहा कि देश की संस्कृति और परंपराओं का सम्मान होना चाहिए।सीएसजेएमयू में गुरु तेग बहादुर शोध पीठ की स्थापना के संबंध में उन्होंने कहा कि सिख गुरुओं के विचारों और उपदेशों पर शोध किया जाएगा। उन्होंने गुरु तेग बहादुर के बलिदान और सिख इतिहास को गौरवशाली बताते हुए कहा कि भक्ति और शक्ति दोनों के क्षेत्र में उनका योगदान महत्वपूर्ण है। शोध पीठ के लिए सरकार की ओर से विश्वविद्यालय को दो करोड़ रुपये की राशि दी गई है।प्रदेश के विश्वविद्यालयों में धर्मांतरण सेल बनाए जाने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि जबरन या प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराना अपराध है। अपराध रोकने के लिए सरकार आवश्यक कदम उठा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी धर्मगुरु का अपमान नहीं होना चाहिए, लेकिन अगर कोई गलत कार्य करता है तो उस पर सवाल उठाए जा सकते हैं।नीट परीक्षा के दौरान टेलीग्राम पर रोक और पेपर लीक के सवाल पर योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि पहले पेपर आउट की घटनाएं ज्यादा होती थीं, लेकिन अब ऐसी घटनाओं में कमी आई है। उन्होंने कहा कि पहले गलत कामों को संरक्षण मिलता था, लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई की जा रही है।राम मंदिर मामले में एसआईटी जांच पर विपक्ष के सवालों को लेकर मंत्री ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ नेता हर मुद्दे का विरोध करना अपनी राजनीति बना चुके हैं। उन्होंने कहा कि जांच के बाद पूरी सच्चाई सामने आएगी।सीएम ग्रिड योजना और सड़कों के काम में देरी को लेकर मंत्री ने कहा कि विकास कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तय समय के बाद भी काम पूरा नहीं होने पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।उन्होंने कहा कि जिन महाविद्यालयों में छात्र संख्या कम हो रही है, वहां रोजगारपरक कोर्स शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि युवाओं को बेहतर अवसर मिल सकें।