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ज्ञान से विरोधियों को झुकाया: राम लखन

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Pardarshi Vikas News Amethi

 संविधान निर्माता बोधिसत्व भारत रत्न बाबा साहब डॉ अम्बेडकर की 135वी जयंती पखवाड़े के अन्तर्गत शुक्रवार को  पुन्नपुर में जयंती समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गीतकारों ने डॉ अम्बेडकर मिशन के गीतों के साथ समारोह में समा बांधने का काम किया। बामसेफ के जिला संयोजक और वरिष्ठ सामाजिक चिंतक संजीव भारती मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।उन्होंने बाबा साहब डॉ अम्बेडकर के जीवन दर्शन और वर्तमान भारतीय राजनीति पर विस्तार से संवाद किया। उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ अम्बेडकर का पूरा जीवन संघर्षों का पर्याय रहा है। उन्होंने विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री,लेखक और समाज सुधारक के रूप में भारत को अपनी सेवाएं दीं। माता पिता की 14वीं संतान डा अम्बेडकर का जन्म 14अप्रैल के दिन हुआ। 14अप्रैल आज विश्व में समानता और ज्ञान दिवस के रूप में मनाया जाता है। बाबा साहब डॉ अम्बेडकर ने मूक नायक साप्ताहिक पत्र के माध्यम से सबसे पहले समाज की समस्याएं उठाना शुरू किया।इस पत्र ने महारों और अछूतों को संगठित करने का काम किया। डा अम्बेडकर का दूसरा साप्ताहिक पत्र बहिष्कृत भारत और तीसरा साप्ताहिक पत्र जनता था। कोलम्बिया यूनिवर्सिटी और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से अर्थशास्त्र और कानून में डाक्ट्रेट की उपाधि प्राप्त डॉ अम्बेडकर को सिम्बल आफ लानेज का सम्मान मिला है। उनके पास 32डिग्रियां थीं। बाबा साहब डॉ अम्बेडकर की विद्वता की बराबरी आज भी कोई नहीं कर पाया है। सामाजिक और आर्थिक गैर बराबरी को दूर करते हुए राजनीतिक सत्ता पर अधिकार बाबा साहब डॉ अम्बेडकर का सबसे बड़ा संदेश है।वे देश में एक समान शिक्षा प्रणाली के पक्षधर थेबाबा साहब डॉ अम्बेडकर के विचारों को धरातल पर उतारने में मान्यवर कांशीराम साहब का महान योगदान है।अध्यक्षीय सम्बोधन में बुजुर्ग आम्बेडकरवादी राम लखन ने बच्चों,किशोरों और युवाओं को अच्छी शिक्षा के संदेश दिए और कहा कि बाबा साहब डॉ अम्बेडकर ने  विद्वत्ता और ज्ञान के बल पर ही विरोधियों को झुकने पर मजबूर किया।कार्यक्रम की शुरुआत बौद्ध परंपरा के अनुरूप त्रिसरण पंचशील के साथ हुई। बसपा के पूर्व सेक्टर अध्यक्ष निर्वाण प्राप्त ओम प्रकाश गौतम को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में बृजलाल बौद्ध,अनुराग बौद्ध, रामकिशोर बौद्ध,सत्यम्, फूल चंद बौद्ध,गुरुदीन, संदीप कनौजिया, अनिल बौद्ध आदि ने अतिथियों का स्वागत सम्मान किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में सभा को अम्बेडकर सेवा समिति के अध्यक्ष संजय कुमार शास्त्री, डॉ शिव मिलन सरोज ,वरिष्ठ कवि राम चन्द्र सरस , श्याम लाल त्यागी, राजेश अकेला,विमल पासवान , पलटूराम आदि ने संबोधित किया। उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष और बामसेफ के जिला सह-संयोजक त्रिभुवन दत्त, श्याम लाल, बसपा के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राम फल फौजी, वीरांगना झलकारी बाई चेतना समिति के मंत्री ललित कुमार, बसपा के विधानसभा महासचिव श्याम कुमार,रामू कोरी, सत्यम् एडवोकेट, दयाराम, बाबू लाल मौर्य,गोपी चन्द्र प्रजापति आदि मौजूद रहे।


बाबा साहब डॉ. अंबेडकर का जीवन संघर्ष, ज्ञान और समानता का प्रतीक है। उन्होंने शिक्षा और संविधान के जरिए समाज को नई दिशा दी। आज जरूरत है कि युवा उनके विचारों को अपनाकर सामाजिक और आर्थिक बराबरी की लड़ाई को आगे बढ़ाएं।”