
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। चोरी के जेवर खरीदने के झूठे आरोपों से ज्वेलर्स को बचाने और सर्राफा कारोबार में पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल ने बुधवार को नया 'स्वर्ण/रजत आभूषण क्रय, मूल्यांकन एवं ग्राहक घोषणा प्रपत्र' लॉन्च किया। डीसीपी क्राइम श्रवण कुमार सिंह ने दोपहर में इसका विमोचन किया।व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने बताया कि कई बार आरोपी चोरी के जेवर बेचने के लिए दुकानों पर पहुंचते हैं। खरीद से इनकार होने के बावजूद गिरफ्तारी के बाद वे पुलिस को ज्वेलर्स का नाम बता देते हैं, जिससे ईमानदार व्यापारियों को जांच और मुकदमों का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या के समाधान के लिए यह प्रपत्र तैयार किया गया है।नए प्रपत्र में ग्राहक का आधार कार्ड, पैन कार्ड, मोबाइल नंबर, पता, फोटो, आभूषण खरीदने का उद्देश्य और स्वघोषणा दर्ज की जाएगी। साथ ही खरीदे गए आभूषणों को कम से कम एक माह तक मूल स्वरूप में सुरक्षित रखना होगा, ताकि जांच की स्थिति में उनका सत्यापन किया जा सके।संगठन ने प्रत्येक खरीद का रिकॉर्ड जीएसटी परचेज रजिस्टर में दर्ज करने और भुगतान बैंकिंग माध्यम से लेने पर भी जोर दिया है, जिससे लेन-देन पूरी तरह पारदर्शी रहे।डीसीपी क्राइम श्रवण कुमार सिंह ने कहा कि इस व्यवस्था से अपराधियों की पहचान आसान होगी और ईमानदार व्यापारियों को अनावश्यक परेशानियों से राहत मिलेगी। वहीं, व्यापार मंडल ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यापारी चोरी का माल खरीदते या अवैध गतिविधियों में शामिल पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का समर्थन किया जाएगा।