
पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ/नोएडा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन शुरू हो गया है, जिससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर को एक आधुनिक हवाई अड्डे की सुविधा मिल गई है। एयरपोर्ट से पहली वाणिज्यिक उड़ान इंडिगो एयरलाइंस की रही। सुबह लखनऊ से आई पहली फ्लाइट का स्वागत किया गया, जबकि पहली प्रस्थान उड़ान बेंगलुरु के लिए रवाना हुई। इसके साथ ही जेवर एयरपोर्ट ने नियमित हवाई सेवाओं के नए दौर में प्रवेश कर लिया।इंडिगो ने घोषणा की है कि वह चरणबद्ध तरीके से एयरपोर्ट को देश के 16 से अधिक प्रमुख शहरों से जोड़ेगी। इनमें लखनऊ, बेंगलुरु, हैदराबाद, जयपुर, अमृतसर, चंडीगढ़, श्रीनगर, धर्मशाला और पंतनगर जैसे शहर शामिल हैं। इससे यात्रियों को बेहतर और सुविधाजनक हवाई कनेक्टिविटी मिलेगी।एयरपोर्ट को अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया गया है। यहां डिजीयात्रा, सेल्फ चेक-इन और सेल्फ बैगेज ड्रॉप जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही इसका डिजाइन उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत से प्रेरित है, जहां भारतीय स्थापत्य और पारंपरिक कला की झलक देखने को मिलेगी।नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एक बड़े कार्गो हब के रूप में भी विकसित किया गया है। शुरुआती चरण में इसकी कार्गो क्षमता दो लाख मीट्रिक टन प्रतिवर्ष रखी गई है, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 15 लाख मीट्रिक टन तक किया जाएगा। इससे व्यापार, निर्यात और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को नई गति मिलने की उम्मीद है।सरकार का मानना है कि एयरपोर्ट के संचालन से निवेश, रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही यह दिल्ली एयरपोर्ट पर बढ़ते दबाव को कम करने में भी अहम भूमिका निभाएगा। एयरपोर्ट का पहला चरण 1.2 करोड़ वार्षिक यात्रियों की क्षमता के साथ विकसित किया गया है।