
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। उत्तर प्रदेश में 1 जुलाई से लागू होने वाली वाहन ऐप टैगिंग (जियोटैग ऐप) व्यवस्था के विरोध में व्यापारियों ने मंगलवार को मंडी परिषद कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। भारतीय कृषि उत्पाद उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र के नेतृत्व में व्यापारियों ने इस व्यवस्था को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के खिलाफ बताया।व्यापारियों ने कहा कि कृषि उपज की खरीद-बिक्री के लिए 6-आर, 9-आर, गेट पास और ऑनलाइन प्री-अराइवल स्लिप जैसी व्यवस्थाएं पहले से लागू हैं। ऐसे में दोबारा जियोटैगिंग करने से व्यापारियों को अनावश्यक परेशानी होगी।उन्होंने कहा कि प्रदेश की अधिकांश गल्ला मंडियां ग्रामीण क्षेत्रों में हैं, जहां छोटे व्यापारियों को नई तकनीकी व्यवस्था अपनाने में दिक्कत आएगी। इसका असर किसानों पर भी पड़ सकता है।व्यापारियों ने गेट पास की समय सीमा बढ़ाने, जुर्माने की व्यवस्था में सुधार और लाइसेंस प्रक्रिया को आसान करने की मांग रखी। संभागीय उपनिदेशक प्रशासन संजय सिंह ने मांगों को मंडी परिषद निदेशक तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।इस दौरान अजय वाजपेयी, राजेंद्र मिश्र, संजय भदौरिया, रजत गुप्ता समेत कई व्यापारी मौजूद रहे।