
Pardarshi Vikas News Mathura
जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने शनिवार को विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर वृंदावन और मथुरा के घाटों के विस्तार, नवीनीकरण एवं सौंदर्यीकरण परियोजनाओं की प्रगति जानी। बैठक में कार्यों की धीमी रफ्तार और लापरवाही पर मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई।
वृंदावन में केसी घाट से जुगल किशोर घाट तक यमुना किनारे घाट निर्माण परियोजना की समीक्षा में सामने आया कि वर्ष 2019 में एनजीटी की रोक के कारण काम बंद हो गया था। अगस्त 2024 में प्रतिबंध हटने के बाद भी सिंचाई विभाग और कार्यदायी संस्था के बीच दरों को लेकर असमंजस बना रहा, जिससे परियोजना दो वर्ष तक अधर में लटकी रही। जनवरी 2026 में कार्य दोबारा शुरू हुआ, लेकिन अप्रैल तक केवल 5 प्रतिशत प्रगति ही दर्ज की गई। इस पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए सभी साइटों पर श्रमिकों और मशीनों की संख्या बढ़ाकर बारिश से पहले काम पूरा करने के निर्देश दिए।
विश्राम घाट पर 700 रनिंग मीटर पुराने घाट की मरम्मत और 210 रनिंग मीटर नए घाट निर्माण की समीक्षा में भी कार्य प्रगति मात्र 10 प्रतिशत पाई गई। वहीं अक्रूर घाट विकास परियोजना में पहली किश्त जारी होने के बावजूद टेंडर प्रक्रिया तक पूरी न होने पर मंत्री ने कड़ी आपत्ति जताई।
मंत्री ने मंडलायुक्त को निर्देश दिए कि परियोजनाओं में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ प्रमुख सचिव को रिपोर्ट भेजी जाए। बैठक में वृंदावन माइनर और हरगूलाल गूल के पुनर्स्थापन का मुद्दा भी उठा। मंत्री ने सिंचाई विभाग को विस्तृत सर्वे कर परियोजना तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि वृंदावन के कुंडों और बगीचों में फिर से जलापूर्ति सुनिश्चित हो सके।