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जमीन विवाद में दो पुलिसकर्मी सस्पेंड

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लेखपाल की जांच में 600 मीटर दूर निकला प्लॉट

पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। मछरिया क्षेत्र में जमीन कब्जे को लेकर चल रहे विवाद में कार्रवाई करते हुए डीसीपी साउथ दीपेंद्रनाथ चौधरी ने आवास विकास चौकी इंचार्ज शैलेंद्र सिंह राघव और नौबस्ता थाने में तैनात दरोगा अंकित खटाना को सस्पेंड कर दिया है। दोनों पर आरोप था कि उन्होंने एक पक्ष के साथ मिलकर जांच को प्रभावित किया और गलत विवेचना की।मामला बिधनू के दहेली उजागर गांव निवासी अर्जुन सिंह और दूसरे पक्ष के बीच 200 वर्गगज प्लाट के कब्जे को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद से जुड़ा है। अर्जुन सिंह का आरोप है कि उन्होंने वर्ष 1987 में प्लाट खरीदा था, लेकिन उस पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया और विरोध करने पर मारपीट व धमकी दी।विवाद के बाद अर्जुन सिंह ने पुलिस में शिकायत की, लेकिन कार्रवाई न होने का आरोप लगाया। बाद में डीसीपी साउथ के हस्तक्षेप पर मामला दर्ज हुआ। इसी दौरान अर्जुन पक्ष ने चौकी इंचार्ज और दरोगा पर दूसरे पक्ष से मिलीभगत कर जांच प्रभावित करने का आरोप लगाया, जिसके बाद विभागीय जांच शुरू हुई।इधर, राजस्व विभाग की जांच में बड़ा तथ्य सामने आया है। लेखपाल की रिपोर्ट के अनुसार, जिस आराजी संख्या पर अर्जुन पक्ष दावा कर रहा था, वही सही पाई गई। जबकि दूसरे पक्ष द्वारा बताई गई आराजी संख्या वास्तविक प्लाट से करीब 600 मीटर दूर दूसरे स्थान की निकली।वहीं दूसरे पक्ष ने हाईकोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि वे पिछले 28 वर्षों से कब्जे में हैं और अदालत के आदेश के बाद पुलिस को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। दूसरी ओर, अर्जुन पक्ष पर जबरन प्लाट में घुसकर मारपीट, धमकी और सामान उठाने का आरोप भी लगाया गया है।मामले में दोनों पक्षों द्वारा एक-दूसरे के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर उठे सवालों के बाद अब पूरे मामले की जांच तेज कर दी गई है।

एक पक्ष ने जमीन कब्जाने वाले पक्ष की तरफ से मिलीभगत करने के आरोप लगाए थे। जांच में आरोप सही पाए जाने पर चौकी इंचार्ज व दरोगा को सस्पेंड कर दिया गया। विभागीय जांच भी होगी।-डीसीपी दीपेंद्रनाथ चौधरी