
PARDARSHI VIKASH NEWS जयपुर के खोह नागोरियान इलाके में मंगलवार सुबह अवैध पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में एक बच्चे और दो सगे भाइयों समेत कुल 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए।जानकारी के अनुसार, करीम नगर-बी स्थित एक रिहायशी मकान में अवैध रूप से पटाखों की पैकिंग और निर्माण का काम चल रहा था। मकान मालिक याकूब ने इसे दिल्ली निवासी फिरोज को किराए पर दे रखा था, जो कथित तौर पर इवेंट पटाखों का अवैध कारोबार चला रहा था।हादसे में जान गंवाने वालों में अधिकतर स्थानीय मजदूर और युवक शामिल हैं। दो सगे भाई आजीम और बिलाल भी इस हादसे में मारे गए। बताया गया कि दोनों फैक्ट्री में काम और देखने के लिए गए थे, तभी आग की चपेट में आ गए।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग उस समय लगी जब मशीनों से बारूद भरने का काम चल रहा था। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया और अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला।प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या किसी चिंगारी से विस्फोटक सामग्री में आग लगना बताया जा रहा है, हालांकि फॉरेंसिक जांच के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट होगा।पुलिस के अनुसार, इस मकान में केवल 6 कमरों की अनुमति थी, जबकि अवैध रूप से लगभग 25 कमरे संचालित किए जा रहे थे। साथ ही भारी मात्रा में बारूद और एलपीजी सिलेंडर भी मौजूद थे, जिससे आग और भी भयावह हो गई।स्थानीय लोगों ने बताया कि आग लगने के बाद लोग जलते हुए बाहर निकलने लगे और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। कई लोगों को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया।घटना के बाद प्रशासन और पुलिस पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि रिहायशी इलाके में पिछले लंबे समय से चल रही इस अवैध गतिविधि पर किसी की नजर क्यों नहीं पड़ी। जांच में यह भी सामने आया है कि आसपास के कई घरों में भी अवैध पटाखा निर्माण का नेटवर्क सक्रिय था।फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और फरार मकान मालिक व संचालक की तलाश जारी है। यह हादसा एक बार फिर रिहायशी इलाकों में अवैध विस्फोटक कारोबार और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।