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किडनी कांड में दो और गिरफ्तार

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पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। कानपुर पुलिस ने किडनी कांड में शामिल दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे और ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों की टीम में शामिल रहते थे। गिरफ्तार आरोपियों में बहराइच निवासी सैफुद्दीन और कानपुर के चकेरी निवासी अखिलेश तिवारी शामिल हैं। पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि सैफुद्दीन ओटी टेक्निशियन था, जबकि अखिलेश तिवारी डॉक्टरों को ट्रांसप्लांट के दौरान असिस्ट करता था। दोनों की जिम्मेदारी किडनी को सुरक्षित रखना और ऑपरेशन में तकनीकी सहयोग देना था। पूछताछ में दोनों ने आधा दर्जन से ज्यादा किडनी ट्रांसप्लांट में शामिल होने की बात स्वीकार की है। इनमें दो ट्रांसप्लांट अहूजा हॉस्पिटल में और बाकी शहर के अलग-अलग नर्सिंग होम में किए गए थे।आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्हें हर किडनी ट्रांसप्लांट के बदले 50 हजार से 1 लाख रुपए तक मिलते थे। इसके अलावा मरीज या डोनर उपलब्ध कराने पर अलग से कमीशन भी दिया जाता था।पूछताछ में सैफुद्दीन ने बताया कि उसकी मुलाकात किडनी रैकेट के मास्टरमाइंड रोहित से फेसबुक के जरिए हुई थी। इसके बाद वह वर्ष 2018 से इस अवैध रैकेट से जुड़ गया। पुलिस का कहना है कि अब तक सैकड़ों अवैध किडनी ट्रांसप्लांट किए जाने की जानकारी सामने आई है।डीसीपी ने बताया कि इस मामले में पहले ही 11 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। अब दो और गिरफ्तारियों के बाद कुल 13 आरोपी जेल जा चुके हैं। पुलिस को पूछताछ में कई अहम इनपुट मिले हैं, जिनके आधार पर अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। उन्होंने कहा कि डोनर और रिसीवर सामने नहीं आने के कारण अस्पताल संचालकों समेत अन्य लोगों पर कार्रवाई में दिक्कत आ रही है, लेकिन जांच लगातार जारी है।