
2 किमी का सफर 30 मिनट में, जाम में फंसी एंबुलेंस
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ते ही उमस भरी गर्मी के बीच शहर की यातायात व्यवस्था चरमरा गई। प्रमुख मार्गों और चौराहों पर लंबा जाम लग गया। हालात ऐसे रहे कि करीब दो किलोमीटर का सफर तय करने में लोगों को 30 मिनट से अधिक का समय लग गया। जाम के कारण वाहन रेंगते नजर आए और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।फजलगंज से मेडिकल कॉलेज पुल की ओर जाने वाले मार्ग पर कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें लगीं। हैलट अस्पताल के बाहर जाम में एंबुलेंस भी फंस गईं। मरीजों को लेकर जा रही एंबुलेंस को रास्ता नहीं मिलने से स्थिति गंभीर नजर आई। हैलट पुल पर वाहन बेहद धीमी गति से आगे बढ़ते रहे।मोतीझील से फजलगंज, गोल चौराहे से रावतपुर और मेडिकल कॉलेज पुल के आसपास भी यातायात प्रभावित रहा। आरोप है कि हैलट अस्पताल के बाहर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की मौजूदगी प्रभावी नहीं रही और यातायात व्यवस्था काफी हद तक होमगार्डों के भरोसे दिखाई दी।गोविंदपुरी, नंदलाल चौराहा, चावला मार्केट, विजय नगर, अफीमकोठी, जरीब चौकी, झकरकटी पुल और टाटमिल चौराहे पर भी वाहन फंसे रहे। कई स्थानों पर पहले निकलने की कोशिश में वाहन आमने-सामने आ गए, जिससे यातायात और ज्यादा बिगड़ गया। ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को जाम खुलवाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।मुख्य मार्गों से बचने के लिए वाहन चालकों ने गलियों का सहारा लिया, लेकिन वहां भी वाहनों का दबाव बढ़ गया। गड़रियनपुरवा से बड़ौदा चौराहा, डीबीएस कॉलेज रोड, दादानगर क्रॉसिंग से नटराज तिराहा और गोविंदपुरी पुल की ओर भी वाहनों की कतारें लगी रहीं।जरीब चौकी क्रॉसिंग पर जाम का असर सीसामऊ और पीरोड से जीटी रोड की ओर आने वाले वाहनों पर भी पड़ा। टाटमिल चौराहे पर रोडवेज बसों की आवाजाही से दबाव और बढ़ गया। लगातार जाम ने शहर की यातायात व्यवस्था और ट्रैफिक प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए।