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KGMU में करोड़ों का दवा घोटाला

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पारदर्शी विकाश न्यूज़ लखनऊ। KGMU में असाध्य योजना के तहत करोड़ों रुपये की दवाओं के कथित घोटाले का मामला सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ है कि कैंसर और किडनी जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज में उपयोग होने वाली महंगी दवाएं फर्जी मरीजों और मृत मरीजों के नाम पर खरीदी गईं तथा उन्हें बाजार में खपाने की आशंका है। मामले की जांच कर रही समिति ने चार कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की सिफारिश की है।जांच रिपोर्ट के अनुसार, KGMU के यूरोलॉजी विभाग में असाध्य योजना के तहत गरीब मरीजों को मुफ्त दवा उपलब्ध कराने के लिए हर महीने लाखों रुपये की दवाएं खरीदी जाती थीं। लेकिन इस वर्ष दवा खरीद का बजट अचानक कई गुना बढ़ गया। दस्तावेजों की जांच में सामने आया कि कुछ मृत मरीजों के नाम पर भी दवाएं खरीदी जा रही थीं। समिति को करीब सवा दो करोड़ रुपये की दवाओं में अनियमितता के प्रमाण मिले हैं, जबकि कुल घोटाले की राशि ढाई करोड़ रुपये तक पहुंचने की आशंका जताई गई है।कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद के निर्देश पर गठित पांच सदस्यीय जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में एक नियमित फार्मासिस्ट और तीन संविदा कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। समिति ने इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की सिफारिश की है। जांच में यह भी सामने आया कि मरीजों के नाम पर फर्जी ओपीडी पर्चे बनवाकर महंगी दवाओं की मांग भेजी जाती थी और बाद में दवाओं को कागजों पर भर्ती दिखाए गए मरीजों के नाम पर निकाल लिया जाता था।KGMU प्रशासन अब पूरे मामले की रिपोर्ट शासन को भेजने की तैयारी में है। वहीं, घोटाले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और दवाओं की वास्तविक खपत की भी जांच जारी है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि गरीब मरीजों के इलाज के लिए बनाई गई योजनाओं का दुरुपयोग दोबारा न हो सके।