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KGMU दवा गड़बड़ी जांच अंतिम चरण में

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पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ।  KGMU के यूरोलॉजी विभाग में दवा अनियमितता मामले की जांच अंतिम चरण में पहुंच गई है। विभाग की एक बंद अलमारी से करीब तीन लाख रुपये की दवाएं मिलने के बाद जांच समिति को उनका स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं मिला है। समिति 6 जुलाई को अपनी विस्तृत रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपेगी।प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये दवाएं करीब 150 मरीजों के नाम पर आयुष्मान भारत और असाध्य रोग योजना के तहत मंगाई गई थीं। 2 जुलाई को अधिकारियों की मौजूदगी में अलमारी खुलवाकर बरामद दवाओं का स्टॉक रजिस्टर और मरीजों के रिकॉर्ड से मिलान किया गया। साथ ही इस पहलू की भी जांच की जा रही है कि कहीं दवाओं को अवैध रूप से बेचने की तैयारी तो नहीं थी।जांच समिति विभाग की अन्य अलमारियों और स्टोर की भी जांच कर रही है। विभाग के प्रवक्ता डॉ. के.के. सिंह के अनुसार, दवाओं के उपयोग और उन्हें अलमारी में रखने के कारणों की भी पड़ताल की जा रही है। मामले में अब तक तीन संविदा कर्मचारियों को बर्खास्त, एक नियमित फार्मासिस्ट को निलंबित और विभागाध्यक्ष को पद से हटाया जा चुका है। संविदा कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद यदि और अनियमितताएं सामने आती हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।