
पादर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ/अमेठी। फसल सुरक्षा के लिए खेतों में इलेक्ट्रिक बाड लगाने से होने वाली दुर्घटनाओं और विद्युत करेंट से हो रही मौतों को मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने गंभीरता से लिया है। घरेलू बिजली ग्रिड से जुड़े उच्च वोल्टेज वाले इलेक्ट्रिक बाड को पूरी तरह अवैध घोषित किया गया है। इलेक्ट्रिक बाड से यदि किसी की मौत होती है तो भारतीय न्याय संहिता -2023की धारा105के अंतर्गत गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इसमें दस साल की सजा होती है और भारी जुर्माना लगता है। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम की ओर से सभी अधीक्षण अभियंता कार्यालयों की ओर से इस मामले में विज्ञप्ति जारी करके किसानों को सावधान और सचेत किया गया है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि सौर ऊर्जा से चलने वाले बाड लगाए जा सकते हैं।वन्य जीव अधिनियम -1972के अन्तर्गत इलेक्ट्रिक बाड से किसी भी वन्य जीव -जंगली सुअर/हाथी आदि की मृत्यु होने पर उस काश्तकार के विरुद्ध धारा -9के अन्तर्गत मुकदमा दर्ज होगा और सम्बंधित किसान को तीन साल से सात साल की जेल हो सकती है। जुर्माना भी लगेगा।
सभी काश्तकारों को केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण सुरक्षा विनिमयन के नियमों के अनुसार कोई भी ऐसा विद्युत संयंत्र नहीं लगा सकता जिससे जनता,वन्य जीवों और सम्पत्ति के लिए खतरा पैदा हो। वन्य जीव संरक्षण अधिनियम -1972के अन्तर्गत सजा और जुर्माने का प्रावधान है। किसानों से अपील है कि ऐसी इलेक्ट्रिक बाड न लगाएं जिससे जीवन को खतरा हो और विद्युत दुर्घटनाओं का खतरा बने।-अरुण कुमार सिंह ,अधीक्षण अभियंता