
पारदर्शी विकास न्यूज़, अमेठी। तिलोई तहसील के कोटवा गांव में खस्ता और चाट खाने के बाद बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने के मामले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने जांच तेज कर दी है। विभाग ने खाद्य तेल के दो नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की है।खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीकिशुन चौहान ने जांच के दौरान मटेरवा गांव में राजकुमार पुत्र श्रीराम के प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया। वहां खस्ता तो नहीं मिला, लेकिन उसे तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला रिफाइंड सोयाबीन तेल पाया गया। जांच में प्रतिष्ठान पर खाद्य लाइसेंस भी नहीं मिला। विभाग ने तेल का नमूना संग्रहित किया।पूछताछ में तेल की खरीद शिवकुमार साहू पुत्र श्री लालता प्रसाद के प्रतिष्ठान से किए जाने की जानकारी मिली। इसके बाद अधिकारी ने वहां भी निरीक्षण कर रिफाइंड सोयाबीन तेल का दूसरा नमूना लिया।विभाग के अनुसार, घटना वाले दिन मोहित गुप्ता पुत्र राजकुमार ने कोटवा गांव में खस्ता और चाट का ठेला लगाया था। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि मामले में राजकुमार और मोहित गुप्ता के विरुद्ध न्यायालय में वाद दायर किया जा रहा है। दोनों नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद उसके निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।