
शारदा सहायक नहर पर निर्माणाधीन पुल के वैकल्पिक डायवर्जन मार्ग न दिए जाने से क्षतिग्रस्त हुए हैं तीन मार्ग, दिशा की बैठक में एक साल पहले उठ चुका है मामला
पारदर्शी विकाश न्यूज़ अमेठी/लखनऊ। सड़क सुरक्षा समिति की मासिक बैठकों में लगातार चर्चा और दिशा की बैठक में राज्य सरकार के मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह के प्रतिनिधि की ओर से समस्या को उठाने के बाद लगभग दस महीने का समय बीत रहा है अभी तक शारदा सहायक नहर पुल के क्षतिग्रस्त होने से जर्जर और ध्वस्त हुई तीन सड़कों के निर्माण के लिए एन एच ए आई और राज्य सरकार काम नहीं शुरू करा पाई है। एन एच ए आई रायबरेली द्वारा रायबरेली अयोध्या मार्ग पर राजामऊ में शारदा नहर पर निर्माणाधीन पुल के वैकल्पिक डायवर्जन मार्ग न दिए जाने के कारण जौनपुर ब्रांच नहर पटरी मार्ग,गडेहरी -लखहरा सम्पर्क मार्ग और गंगा गढ-शंकरगंज-,अरियांवा से गजराज मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए हैं।इन मार्गों पर आवागमन में राहगीरों को भारी कठिनाई हो रही है।भारी वाहनों के आवागमन से बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। 26मई 2025को जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति की बैठक में विधायक और राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह के प्रतिनिधि मुन्ना सिंह ने इस मामले को उठाया था।डी एम संजय चौहान ने 21जून2025को तीन अधिकारियों की एक कमेटी गठित करते हुए मरम्मत के काम का इस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए थे।इस कमेटी में एस डी एम तिलोई,लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता हीरामणि,एन एच आई के सहायक अभियंता विकल्प सिंह को रखा गया था। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट के साथ तीनों मार्गों की विशेष मरम्मत के लिए अलग अलग इस्टीमेट तैयार करके डी एम और एन एच ए आई को जुलाई में 2025में ही भेज दिया था। क्षतिग्रस्त तीन मार्गों की मरम्मत हेतु कुल लम्बाई 10.45किमी और लागत1.2327 करोड़ रुपए है। इसमें से राजामऊ नहर पटरी मार्ग के लिए79.06,लाख रुपए मंजूर हुए हैं। शेष दो मार्गों के इस्टीमेट फाईलों में बंद पड़े हुए हैं। अधिकारी लेटर लेटर खेल रहे हैं, जनप्रतिनिधि मौन है। क्षतिग्रस्त मार्गों का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। सोमवार को सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में एन एच ए आई के प्रोजेक्ट मैनेजर ने एक लेटर और पेश करके काम को और लटका दिया है।