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मंदिरों से दूरी या सियासी मजबूरी?

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प्रकाश पाल का अखिलेश-राहुल पर कटाक्ष


पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। राज्यसभा सांसद प्रकाश पाल ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन पर सनातन धर्म के आस्था केंद्रों से दूरी बनाए रखने का आरोप लगाया। शारदीय नवरात्र के दौरान दिए गए बयान में उन्होंने विपक्षी नेताओं की धार्मिक गतिविधियों पर सवाल उठाते हुए इसे तुष्टीकरण की राजनीति से जोड़ने की कोशिश की। प्रकाश पाल ने कहा कि देशभर में श्रद्धालु नवरात्र के अवसर पर देवी मंदिरों में पूजा-अर्चना कर रहे हैं, लेकिन उनके मुताबिक इंडी गठबंधन के नेता राहुल गांधी और अखिलेश यादव अब तक किसी देवी मंदिर में दर्शन करते नजर नहीं आए हैं। उन्होंने विशेष रूप से अखिलेश यादव को निशाने पर लेते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में भी उन्हें किसी देवी मंदिर में दर्शन करते नहीं देखा गया है।

‘मस्जिद जा सकते हैं, मंदिर क्यों नहीं?’
राज्यसभा सांसद ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव तुष्टीकरण की राजनीति में इतने व्यस्त हैं कि पत्नी के साथ दिल्ली की मस्जिद में जा सकते हैं, लेकिन सम्मान के साथ किसी देवी मंदिर में जाना उन्हें गवारा नहीं है। उन्होंने कहा कि सनातन समाज विपक्षी नेताओं के रवैये पर नजर रख रहा है।

राहुल गांधी के पुराने बयान का भी किया जिक्र
प्रकाश पाल ने राहुल गांधी के शक्ति से जुड़े पुराने बयान का उल्लेख करते हुए उन पर हिंदू धर्म की शक्ति को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “जब चंड-मुंड शक्ति को खत्म नहीं कर पाए, तो आप लोग क्या खत्म करोगे? शक्ति की महिमा न्यारी है, चंड-मुंड पर भारी है।” प्रकाश पाल के इस बयान ने धार्मिक आस्था और राजनीति को लेकर बहस को फिर हवा दे दी है। हालांकि, मंदिरों में दर्शन को लेकर लगाए गए आरोप उनके राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं। विपक्षी नेताओं की धार्मिक आस्था या उनके मंदिर जाने को लेकर कोई निष्कर्ष केवल इस बयान के आधार पर नहीं निकाला जा सकता।