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मेदनमवई ग्राम पंचायत की वोटर नहीं रहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी

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स्मृति का नाम कैसे कटा, डी एम ने दिए जांच के निर्देश
भाजपा जिलाध्यक्ष ने डी एम से की शिकायत

संजीव भारती/ललित कुमार
पारदर्शी विकास न्यूज़ अमेठी।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतदाता सूचियों के प्रकाशन के बाद मेदनमवई ग्राम पंचायत की मतदाता सूची से पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का नाम गायब होने का मामला राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। सूचियों के प्रकाशन के बाद सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधान और प्रधान पदों के दावेदार अपने समर्थकों के नाम की जांच करने में लगे हुए हैं। स्मृति ईरानी का नाम मतदाता सूची से काटने के मामले को डी एम ने संज्ञान में लिया है और जांच के निर्देश दिए हैं। जनपद अमेठी के तेरह विकास खंडों में कुल मतदाताओं की संख्या 1616891है। पुरूष मतदाताओं की संख्या 834064है, महिला मतदाताओं की संख्या 782827है। सबसे अधिक मतदाता जगदीशपुर विकास खंड में है, यहां मतदाताओं की कुल संख्या 204605है।8000मतदाता पहले के मुकाबले बढ़े हैं। सबसे कम मतदाता शाहगढ़ विकास खंड में है। यहां 67544मतदाता हैं। बहादुर पुर विकास खंड में 1100मतदाता पहले से कम हुए हैं। जिले की 682ग्राम पंचायतों में कुल 934मतदान केंद्र और 2489मतदेय स्थल हैं। जिले में पहले पंचायत चुनाव की निर्वाचक नामावलियों में 15.66लाख मतदाता थे।इस बार मतदाताओं की संख्या 1616891हो गई है। लगभग 50000मतदाता बढ़े हैं। जिले में  ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या में 368771का अंतर है।एस आई आर के बाद विधानसभाओं की निर्वाचक नामावलियों में 1248120मतदाता है, जबकि पंचायत चुनाव की मतदाता सूचियों में मतदाताओं की संख्या 1616891 है।इस अंतर की स्पष्ट व्याख्या प्रशासन के पास नहीं है। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का नाम उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के मेदान मवई गांव की पंचायत मतदाता सूची से गायब पाया गया जबकि उनका नाम क्षेत्र की लोकसभा और विधानसभा मतदाता सूची में मौजूद था।जिलाधिकारी संजय चौहान ने बताया कि उन्होंने मामले की जांच के आदेश दे दिये हैंवर्ष 2019 से 2024 तक लोकसभा में अमेठी का प्रतिनिधित्व करने वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता स्मृति ईरानी ने 2019 का लोकसभा चुनाव जीतने के बाद गौरीगंज विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत मेदान मवई गांव में अपना आवास बनाया।वह गांव की मतदाता के रूप में भी पंजीकृत हैं और उन्होंने लोकसभा चुनाव के दौरान मतदान किया था।यह मामला 10 जून को पंचायत मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद सामने आया, जिसमें उनका नाम शामिल नहीं था।स्मृति ईरानी का नाम हटाने के पीछे के कारण के बारे में पूछे जाने पर जिलाधिकारी ने बताया कि जांच के आदेश दे दिए गए हैं और रिपोर्ट आने के बाद सही कारण स्पष्ट होगा। भाजपा की  जिला इकाई के अध्यक्ष सुधांशु शुक्ला ने कहा कि ईरानी का नाम शामिल करने के लिए एक आवेदन पत्र जमा किया गया है और मामला वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया है।