
Pardarshi Vikas News Keral
एर्नाकुलम स्थित अमृतानंद अम्मा मठ एवं अमृता विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय कश्यप, निषाद, भोई समन्वय समिति का दो दिवसीय राष्ट्रीय प्रतिनिधि सम्मेलन आयोजित किया गया। 12 अप्रैल 2026 को विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधिमंडल ने अमृतानंद अम्मा मठ पहुंचकर कार्यक्रम की शुरुआत की, जबकि 13 अप्रैल को अमृता विश्वविद्यालय के अम्मा हॉल में विचार गोष्ठी और राष्ट्रीय बैठक संपन्न हुई। सम्मेलन में देश के 24 राज्यों से पदाधिकारी और समाज के प्रतिनिधि शामिल हुए।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के राज्य मंत्री चौधरी राजभूषण निषाद रहे। विशिष्ट अतिथियों में छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग आयोग के चेयरमैन एवं दर्जा प्राप्त कैबिनेट मंत्री नेहरू राम निषाद, विधायक कुंवर सिंह निषाद, उन्नाव के पूर्व विधायक एवं नेशनल एसोसिएशन ऑफ फिशरमेन के राष्ट्रीय महासचिव राम कुमार, राष्ट्रीय संत गोपाल दास गिरी, केरल धीवर महासभा के अध्यक्ष, पूर्व विधायक दिनकरन तथा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रदेश अध्यक्ष कैलाश नाथ निषाद शामिल रहे।
मुख्य अतिथि राजभूषण निषाद ने कहा कि मछुआरा समाज की सभी उपजातियों को राष्ट्रीय स्तर पर एक मंच पर लाकर उनकी समस्याओं को मजबूती से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाज की तरक्की का सबसे बड़ा माध्यम शिक्षा है, इसलिए सभी लोग अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने के लिए आगे आएं।
पूर्व विधायक राम कुमार ने कहा कि मछुआरों को मिलने वाले डीजल पर बढ़ी दरें वापस ली जानी चाहिए, ताकि उनकी आजीविका पर बोझ कम हो सके। उन्होंने यह भी मांग की कि विदेशी सीमा उल्लंघन के मामलों में जेलों में बंद भारतीय मछुआरों को तत्काल रिहा कराया जाए।

बैठक में समाज के आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक सशक्तिकरण पर विस्तार से चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि जल, जंगल और मत्स्य संसाधनों से जुड़े समाज को योजनाओं का पूरा लाभ मिलना चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन कार्यकारी अध्यक्ष बाबा मार्तंड सिंह मांझी ने किया। इस दौरान राष्ट्रीय महामंत्री गुरुचरण कश्यप, युवा अध्यक्ष नीरज कश्यप, हीरालाल निषाद, सरदार अवतार सिंह, शंकरलाल रैकवार, नीलम कश्यप, मीरा रैकवार (झांसी) समेत अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे। सम्मेलन में समाज की एकता, शिक्षा और अधिकारों की लड़ाई को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।