
PARDRASHI VIKASH NEWS मथुरा-वृंदावन में बढ़ती बंदर समस्या के समाधान के लिए जिला प्रशासन ने नई कार्ययोजना लागू कर दी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है, जिसमें नगर आयुक्त को सदस्य सचिव बनाया गया है। अब बंदरों को पकड़ने, उनका उपचार कराने और सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास की पूरी प्रक्रिया इसी समिति की निगरानी में होगी।सामाजिक वानिकी प्रभाग के प्रभागीय निदेशक वेंकटा श्रीकर पटेल ने बताया कि बंदरों को पकड़ने का कार्य नगर निगम की प्रशिक्षित टीमें करेंगी। इसके बाद वन विभाग के सहयोग से उन्हें ऐसे वन क्षेत्रों में छोड़ा जाएगा, जहां भोजन और रहने की पर्याप्त व्यवस्था हो तथा आबादी पर उनका दबाव कम पड़े।नई व्यवस्था के तहत बीमार और घायल बंदरों के इलाज के लिए जिले के प्रत्येक विकासखंड में पशु चिकित्सकों की टीम तैनात की जाएगी। जरूरत पड़ने पर उन्हें रेस्क्यू सेंटर में रखकर उपचार के बाद सुरक्षित वन क्षेत्रों में छोड़ा जाएगा। वन विभाग पुनर्वास के लिए उपयुक्त स्थानों का चयन करेगा और प्रयास रहेगा कि बंदरों को मथुरा के आसपास के उपयुक्त वन क्षेत्रों में ही छोड़ा जाए।बंदरों का रुख शहर की ओर कम हो, इसके लिए उद्यान विभाग आम, जामुन, गूलर, बरगद और शहतूत जैसे फलदार पौधों का रोपण बढ़ाएगा, ताकि उन्हें जंगलों में ही पर्याप्त प्राकृतिक भोजन उपलब्ध हो सके।प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बंदरों को बिना आवश्यकता भोजन न कराएं। यदि कहीं बंदरों से जुड़ी समस्या या कोई घायल बंदर दिखाई दे तो इसकी सूचना नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत अथवा संबंधित पशु चिकित्सा अधिकारी को तत्काल दें, ताकि समय पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।