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नीट पेपर लीक, बहुजन अधिकार सेना ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

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पारदर्शी विकास न्यूज़ सुल्तानपुर। देश की प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट' में सामने आए पेपर लीक मामले को लेकर देशभर के युवाओं में आक्रोश है। शनिवार को सुलतानपुर में बहुजन अधिकार सेना सामाजिक संगठन ने राष्ट्रपति को एक ज्ञापन भेजा है। यह ज्ञापन जिलाधिकारी (DM) के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।संगठन के राष्ट्रीय कमांडर विजय राणा चमार के नेतृत्व में भेजे गए इस ज्ञापन में नीट परीक्षा में हुई अनियमितताओं और पेपर लीक पर गहरी चिंता व्यक्त की गई है। इसमें कहा गया है कि इस प्रकरण ने करोड़ों छात्रों और उनके अभिभावकों को प्रभावित किया है।ज्ञापन में बताया गया है कि वर्षों की कड़ी मेहनत करने वाले होनहार विद्यार्थियों का मनोबल इस भ्रष्ट व्यवस्था के कारण टूट रहा है। संगठन का मानना है कि परीक्षा प्रणाली से लोगों का विश्वास पूरी तरह उठ चुका है।विजय राणा ने पत्र के माध्यम से अवगत कराया कि लगातार हो रहे पेपर लीक और धांधली का सबसे बुरा असर गरीब, दलित, पिछड़े और बहुजन समाज के उन छात्रों पर पड़ रहा है, जिनके पास सीमित संसाधन हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो युवाओं का देश की शिक्षा व्यवस्था से भरोसा समाप्त हो जाएगा।बहुजन अधिकार सेना ने राष्ट्रपति से त्वरित न्याय के लिए कई प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें नीट परीक्षा पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच सीबीआई या सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग शामिल है।संगठन ने पेपर लीक में शामिल सभी दोषियों, शिक्षा माफियाओं और उन्हें संरक्षण देने वाले अधिकारियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की भी मांग की है। इसके अतिरिक्त, प्रभावित और मानसिक तनाव से गुजर रहे छात्रों को तत्काल मानसिक एवं आर्थिक सहायता प्रदान करने की अपील की गई है। न्य मांगों में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की जवाबदेही तय करना, पूरी परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाना और भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए सख्त एवं प्रभावी कानून बनाना शामिल है। संगठन ने सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की भी मांग की है ताकि गरीब और सामान्य परिवारों के बच्चों को न्यायपूर्ण व समान अवसर मिल सकें।