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नगर निगम बजट में बड़ा खेल? ; करोड़ों का बजट... कई वार्डों को शून्य!

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पारदर्शी विकास न्यूज़  कानपुर। कानपुर नगर निगम में 15वें वित्त आयोग और निगम निधि से विकास कार्यों के लिए बजट आवंटन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा के बागी पार्षदों ने साढ़े तीन साल में 110 पार्षदों को मिले प्रस्तावित बजट की सूची सार्वजनिक करते हुए आवंटन में पक्षपात और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। पार्षदों का दावा है कि कुछ वार्डों में करोड़ों रुपये के विकास कार्य प्रस्तावित किए गए, जबकि कई पार्षदों के वार्ड को एक रुपये का भी बजट नहीं मिला।बागी पार्षद पवन गुप्ता के अनुसार, करीब 594 करोड़ रुपये की धनराशि 765 विकास कार्यों के लिए प्रस्तावित की गई है। उनका आरोप है कि बजट वितरण में पारदर्शिता नहीं बरती गई। सूची के मुताबिक वार्ड-62 के पार्षद भवानी शंकर के लिए सबसे अधिक 14.41 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। वहीं वार्ड-41 की पार्षद दीप्ति तिवारी के लिए 10.86 करोड़, वार्ड-82 की ऋचा द्विवेदी के लिए 10.79 करोड़ और वार्ड-95 की सौम्या शुक्ला के लिए 10.70 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।दूसरी ओर कई वार्डों को बेहद कम या शून्य बजट मिलने का दावा किया गया है। वार्ड-94 के पार्षद सैयद अनवर अली, वार्ड-38 के हरि स्वरूप तिवारी, वार्ड-4 के अंकित मौर्य और वार्ड-10 की लक्ष्मी कोरी के लिए प्रस्तावित राशि शून्य बताई गई है। वार्ड-50 की अनुप्रिया दुबे के लिए 32 लाख और वार्ड-40 के महेंद्र पांडे के लिए 52.50 लाख रुपये प्रस्तावित होने की बात सामने आई है।बागी पार्षदों का कहना है कि वे पिछले कई महीनों से बजट आवंटन में अंतर को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि नगर निगम में प्रभाव रखने वाले लोगों के करीबी पार्षदों के वार्डों को अधिक धनराशि दी गई, जबकि विरोध करने वाले पार्षदों के वार्डों की अनदेखी की गई।नगर निगम के 15वें वित्त आयोग की अध्यक्ष महापौर प्रमिला पांडेय हैं। नगर आयुक्त इसके सचिव/संयोजक तथा जिलाधिकारी, केडीए उपाध्यक्ष और पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता सदस्य हैं। बताया गया है कि प्रस्तावित 765 कार्यों में से करीब 350 कार्य पूरे हो चुके हैं।नगर निगम में भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच करीब 125 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के टेंडर रद्द कर उन्हें नए सिरे से कराने की तैयारी है। इन कार्यों के टेंडर 16 सितंबर को प्रस्तावित हैं। बजट आवंटन को लेकर लगाए गए आरोपों के बाद नगर निगम की कार्यप्रणाली और विकास निधि के वितरण पर सवाल खड़े हो गए हैं।


सबसे ज्यादा बजट वाले पार्षद
वार्ड नंबर        पार्षद कुल                 प्रस्तावित राशि
62                भवानी शंकर राय        14.41 करोड़
41                दीप्ति तिवारी             10.86 करोड़
82                ऋचा द्विवेदी             10.79 करोड़
95                सौम्या शुक्ला             10.70 करोड़
46                क्षमा शुक्ला               10.38 करोड़
63                श्वेता गुप्ता                10.02 करोड़
34                नीरज गुप्ता                9.45 करोड़
22                शुभम वर्मा                 9.33 करोड़


15वें वित्त की अध्यक्ष हैं महापौर
15वें वित्त आयोग की अध्यक्ष महापौर प्रमिला पांडेय, सचिव/संयोजक नगर आयुक्त और सदस्य जिलाधिकारी, केडीए उपाध्यक्ष व पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता हैं।



125 करोड़ विकास कार्य के लिए टेंडर 16 को
594 करोड़ रुपये के 765 विकास कार्य 110 पार्षदों में बांटे गए हैं। इनमें से करीब 350 काम हो चुके हैं जबकि अन्य अभी होने हैं। नगर निगम में भ्रष्टाचार उजागर होने के बाद करीब 125 करोड़ के विकास कार्यों के टेंडर पिछले दिनों रद्द कर उन्हें नए सिरे से जारी कराने की तैयारी है। यह टेंडर अब 16 सितंबर को होंगे।

 


सबसे कम बजट पाने वाले वार्ड
वार्ड नंबर        पार्षद                       कुल प्रस्तावित राशि

94                सैयद अनवर अली       0
38                हरि स्वरूप तिवारी       0
4                 अंकित मौर्य                0
10                लक्ष्मी कोरी               0
5                 आलोक पांडे              12.13 लाख
97                तबस्सुम अमीन        25 लाख
11                विजय लक्ष्मी यादव   30 लाख
50                अनुप्रिया दुबे            32 लाख
74                नीलम शुक्ला           42 लाख
89                सुशील तिवारी          48 लाख