
PARDARSHI VIKASH NEWS मुंबई। बॉम्बे हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस गौतम पटेल ने दावा किया है कि उन्हें और उनके परिवार को पिछले करीब 10 महीनों से लगातार धमकियां मिल रही हैं। उनका कहना है कि यह घटनाएं 2024 में दाऊदी बोहरा समुदाय के उत्तराधिकार विवाद पर दिए गए उनके फैसले के बाद शुरू हुईं।जस्टिस पटेल के अनुसार, उन्हें दबाव बनाया जा रहा है कि वे एक वीडियो रिकॉर्ड कर अपने फैसले को वापस लें और यह भी स्वीकार करें कि निर्णय गलत था। पूर्व जज ने साफ कहा है कि हाईकोर्ट के फैसले को किसी वीडियो या दबाव में बदला नहीं जा सकता।रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगस्त 2024 में दिए गए फैसले में उन्होंने सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन को दाऊदी बोहरा समुदाय का 53वां दाई-अल-मुतलक घोषित किया था, जिसके बाद यह विवाद और बढ़ गया।पूर्व जज ने बताया कि सितंबर 2025 में भी उन्हें धमकी भरा पत्र मिला था, और हाल ही में उनकी बेटी को एक और गुमनाम पत्र मिला जिसमें गंभीर धमकियों का उल्लेख था। इससे पहले लंदन में उनकी बेटी पर हमले की भी घटना सामने आई थी, जिसकी जांच यूके पुलिस कर रही है।जस्टिस पटेल ने इस मामले की जानकारी भारतीय उच्चायोग, सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट प्रशासन को भी दी है। उन्होंने इसे न्यायपालिका की स्वतंत्रता और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताया है।वहीं बार एसोसिएशन ने इस घटना की निंदा करते हुए न्यायिक सुरक्षा को मजबूत करने की मांग की है, जबकि संबंधित समुदाय ने न्यायपालिका में हस्तक्षेप के किसी भी प्रयास से इनकार किया है।