
पारदर्शी विकास न्यूज़ सुल्तानपुर । पूर्व विधायक रामचंद्र चौधरी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) छोड़कर समाजवादी पार्टी (सपा) का दामन थाम लिया है। उन्होंने अपने इस फैसले का मुख्य कारण थानों और तहसीलों में बढ़ते भ्रष्टाचार तथा जनता की समस्याओं की अनदेखी को बताया है।पार्टी बदलने के बाद चौधरी ने वर्तमान सरकार और स्थानीय प्रशासन पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में जनसमस्याएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन उनका कोई ठोस समाधान नहीं हो रहा है। थानों और तहसीलों में बिना पैसे के कोई काम नहीं होता, और आम आदमी की कहीं कोई सुनवाई नहीं है।रामचंद्र चौधरी ने अपनी राजनीतिक यात्रा का जिक्र करते हुए बताया कि वह साल 1991 में भाजपा में थे। इसके बाद, 2012 में उन्होंने समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा और तब से सपा के झंडे तले सक्रिय रहे। उन्होंने कहा कि कुछ समय के लिए वह शांत जरूर थे, लेकिन अब उन्होंने पूरी तरह सक्रिय होकर सपा के साथ आगे बढ़ने का निर्णय लिया है।चौधरी ने महंगाई और प्रशासनिक लापरवाही से जनता के त्रस्त होने की बात कही। उन्होंने यह भी बताया कि समाजवादी पार्टी में रहते हुए जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान हो जाता था, यही कारण है कि उन्होंने वापस इस मंच को चुना है।चुनाव लड़ने के सवाल पर पूर्व विधायक ने स्पष्ट किया कि वह खुद चुनावी दौड़ में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह पार्टी के एक मजबूत सिपाही के तौर पर काम करेंगे और हर प्रकार के चुनाव के लिए तैयार हैं। चौधरी ने समाजवादी पार्टी से डॉ. अंगद चौधरी को चुनाव लड़ाने के लिए अपनी तरफ से पेशकश की है।रामचंद्र चौधरी ने अंत में कहा कि वह अब समाजवादी पार्टी के अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर जनता के हक की लड़ाई लड़ेंगे और क्षेत्र की समस्याओं को दूर करने के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।