
PARDARSHI VIKASH NEWS कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने केंद्र सरकार के उस स्पष्टीकरण पर सवाल उठाया है, जिसमें कहा गया है कि पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं, बल्कि केवल एक यात्रा दस्तावेज है। थरूर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह एक "बेतुका कानूनी विरोधाभास" है, जो लोगों में भ्रम पैदा कर रहा है। उन्होंने कहा कि पासपोर्ट को हमेशा सबसे विश्वसनीय सरकारी पहचान दस्तावेज माना जाता रहा है, ऐसे में यदि इससे नागरिकता साबित नहीं होती तो फिर किस दस्तावेज से होगी। थरूर ने सुझाव दिया कि वैध भारतीय पासपोर्ट और आधार कार्ड को नागरिकता का पर्याप्त प्रमाण माना जाना चाहिए, जब तक कि सरकार उन्हें रद्द न कर दे। उन्होंने यह भी कहा कि गैर-भारतीय निवासियों के लिए अलग पहचान वाला आधार कार्ड जारी किया जाना चाहिए, जिससे नागरिकता संबंधी विवाद कम हों। वहीं, भाजपा नेता अमित मालवीय ने कहा कि सरकार ने कोई नया नियम नहीं बनाया है और पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत विशेष परिस्थितियों में गैर-नागरिकों को भी पासपोर्ट जारी किया जा सकता है। इस मुद्दे पर वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और गीतकार जावेद अख्तर ने भी सरकार के रुख पर सवाल उठाए हैं। इसी बीच केंद्र सरकार ने 1 जुलाई से पासपोर्ट बनवाने और री-इश्यू कराने की फीस बढ़ाने का भी फैसला किया है।