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रोडवेज एआरएम रिश्वत लेते गिरफ्तार: कंडक्टर से मांगे थे हर माह ₹3 हजार

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PARDARSHI VIKASH NEWS प्रयागराज। रोडवेज जीरो रोड डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (एआरएम) अरविंद कुमार मिश्र को एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि वह ड्राइवरों और कंडक्टरों से नौकरी सुरक्षित रखने, ड्यूटी लगाने और एसीआर (वार्षिक गोपनीय प्रविष्टि) ठीक रखने के नाम पर अवैध वसूली करते थे।शिकायतकर्ता कंडक्टर संगम सोनकर ने बताया कि उनके पिता विजय बहादुर सोनकर रोडवेज में चालक थे। वर्ष 2021 में उनके निधन के बाद उन्हें मृतक आश्रित कोटे से 24 मई 2025 को नियमित कंडक्टर की नौकरी मिली थी। वर्तमान में वह मिर्जापुर-शक्तिनगर रूट पर कार्यरत हैं।संगम के अनुसार, 26 मई को एआरएम ने उन्हें कार्यालय बुलाकर कहा कि नौकरी में किसी प्रकार की परेशानी नहीं चाहिए तो हर महीने तीन हजार रुपये देने होंगे। जब उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति और मां के ब्रेन ट्यूमर के इलाज का हवाला देकर असमर्थता जताई, तो एआरएम ने कथित तौर पर उन्हें निलंबित कराने की धमकी दी।शिकायतकर्ता का आरोप है कि एआरएम ने उनके सहकर्मी कंडक्टर मनिन्द्र से भी रुपये मांगे थे। रुपये न देने पर उसकी एसीआर में प्रतिकूल टिप्पणी दर्ज कर दी गई थी। बाद में मनिन्द्र का रिकॉर्ड सही करने के लिए पांच हजार रुपये और संगम से तीन हजार रुपये, कुल आठ हजार रुपये की मांग की गई।इसकी शिकायत संगम सोनकर ने एंटी करप्शन संगठन से की। गोपनीय जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद टीम ने जाल बिछाया। तय योजना के तहत 1 जून को जीरो रोड डिपो कार्यालय में शिकायतकर्ता ने एआरएम को 8 हजार रुपये दिए। इसी दौरान निरीक्षक रविंद्र सिंह के नेतृत्व में पहुंची 13 सदस्यीय एंटी करप्शन टीम ने उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।एंटी करप्शन अधिकारियों के अनुसार आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है और आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा।इस कार्रवाई के बाद रोडवेज विभाग में हड़कंप मच