
PARDARSHI VIKASH NEWS विश्व प्रसिद्ध बौद्ध तीर्थ सांची से भगवान गौतम बुद्ध के परम शिष्यों अर्हन्त सारिपुत्र और अर्हन्त महामोग्गलान के पवित्र अस्थि कलशों को मंगोलिया के लिए रवाना किया गया। मंगलवार सुबह सांची के चैतियगिरी विहार मंदिर के मुख्य तहखाने से 13 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी में अस्थि कलश बाहर निकाले गए। इसके बाद बौद्ध भिक्षुओं ने मंत्रोच्चार के साथ विशेष पूजा-अर्चना की।सुबह करीब 9 बजे सशस्त्र सुरक्षा बलों ने ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया, जिसके बाद कलशों को बुलेटप्रूफ और शॉक-प्रूफ विशेष बॉक्स में सील कर सड़क मार्ग से भोपाल एयरपोर्ट पहुंचाया गया। यहां से विशेष विमान के जरिए उन्हें दिल्ली भेजा गया। तकनीकी जांच और औपचारिकताएं पूरी होने के बाद 29 मई को इन्हें मंगोलिया ले जाया जाएगा।इन पवित्र अवशेषों को राजकीय अतिथि का दर्जा दिया गया है और पूरी यात्रा के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रखी गई है। मंगोलिया की राजधानी उलानबटार स्थित गंडन तेगचेनलिंग मठ में श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए इन्हें रखा जाएगा। करीब 10 दिन के प्रवास के बाद 11 जून को अस्थि कलशों को वापस सांची लाया जाएगा।मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि इससे भारत और मंगोलिया के सांस्कृतिक व आध्यात्मिक संबंध और मजबूत होंगे।