
मोबाइल लाइब्रेरी वैन को दिखाई हरी झंडी
पारदर्शी विकास न्यूज़ अमेठी/भेंटुआ। बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने और पठन संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मंगलवार को कंपोजिट विद्यालय नौगिरवा में ‘रीडिंग कैंपेन 8.0’ (पठन अभियान) का शुभारंभ किया गया। रूम टू रीड संस्था और बेसिक शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी पूजा साहू (आईएएस) ने फीता काटकर मोबाइल लाइब्रेरी वैन का उद्घाटन किया और उसे हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।कार्यक्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय तिवारी, खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. संतोष कुमार, रूम टू रीड की प्रोग्राम ऑफिसर नेहा मिश्रा, प्रोग्राम एसोसिएट अनिल कुमार सहित संस्था के प्रतिनिधि, विद्यालय का स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।सीडीओ ने विद्यालय के पुस्तकालय, बाल वाटिका, स्मार्ट क्लास और विभिन्न कक्षाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों से संवाद कर बच्चों की शैक्षणिक प्रगति, पठन क्षमता और तार्किक ज्ञान की जानकारी ली। उन्होंने शिक्षकों को बच्चों में पढ़ने की रुचि बढ़ाने और पठन-पाठन के स्तर को और मजबूत करने के लिए प्रेरित किया।
‘मेरे शब्द, मेरी कहानी’ है अभियान की थीम
रूम टू रीड इंडिया ट्रस्ट द्वारा संचालित पठन अभियान 8.0 का आयोजन 15 अगस्त से 8 सितंबर तक किया जा रहा है। वर्ष 2026 की थीम ‘मेरे शब्द, मेरी कहानी’ (My Words, My Story) रखी गई है। अभियान का उद्देश्य बच्चों में नियमित पुस्तक पढ़ने की आदत विकसित करना, पठन संस्कृति को बढ़ावा देना और निपुण भारत मिशन के तहत भाषा साक्षरता के लक्ष्यों को हासिल करना है।
पांच विकासखंडों में पहुंचेगी मोबाइल लाइब्रेरी
1 से 5 सितंबर तक मोबाइल रीडिंग वैन जिले के पांच विकासखंडों—गौरीगंज, भेंटुआ, जामो, जगदीशपुर और शुकुलबाजार के विद्यालयों और समुदायों में पहुंचेगी। इसके माध्यम से बच्चों, शिक्षकों और आम लोगों को विभिन्न पठन गतिविधियों से जोड़ा जाएगा।वहीं, 1 से 8 सितंबर तक DEAR (Drop Everything And Read) गतिविधि के तहत जिले के सभी परिषदीय विद्यालयों में प्रतिदिन 30 मिनट बच्चों को अन्य कार्य छोड़कर पुस्तकालय की किताबें स्वतंत्र रूप से पढ़ने का अवसर मिलेगा।8 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर सुबह 11 से 11:30 बजे तक सभी परिषदीय विद्यालयों में विशेष ‘रीड-ए-थान’ आयोजित किया जाएगा। इसमें बच्चे, शिक्षक और अभिभावक सामूहिक रूप से पुस्तकें पढ़ेंगे और पठन संस्कृति को अपनाने की शपथ लेंगे।