
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। सीएसजेएमयू में मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के अवसर पर युवा संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने युवाओं से सीधे संवाद किया। जेन-जी युवाओं ने उनसे विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे, जिनका उन्होंने विस्तार से जवाब दिया।सुनील आंबेकर ने कहा कि मनुष्य की सबसे बड़ी ताकत उसका विवेक है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तेजी से सूचनाओं को प्रोसेस कर सकता है, लेकिन परिस्थितियों के अनुसार सही निर्णय लेने की क्षमता मनुष्य के पास है। युवाओं को अपने विवेक के आधार पर निर्णय लेना चाहिए।व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता मनुष्य की स्वाभाविक प्रवृत्ति है, लेकिन एक व्यक्ति की स्वतंत्रता दूसरे की स्वतंत्रता में बाधा नहीं बननी चाहिए। भारतीय सांस्कृतिक मूल्य सभी के सम्मान और स्वतंत्रता को सुरक्षित रखने में सहायक हैं।उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई के साथ अतिरिक्त कौशल विकसित करने की अपील की। आधुनिक तकनीकी दक्षताओं के साथ व्यावहारिक और हैंड्स-ऑन स्किल्स को भी जरूरी बताया।महिलाओं की सुरक्षा पर उन्होंने कहा कि केवल कानून बनाकर अपराध समाप्त नहीं किया जा सकता। परिवार और समाज में सम्मान, सुरक्षा और आपसी संवाद का वातावरण बनाना जरूरी है।कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि शिक्षण संस्थानों में युवाओं के साथ सार्थक चर्चा और आम सहमति को बढ़ावा मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि विचार और चिंतन की परंपरा ने भारत को महान बनाया है।