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स्कूल वाहनों की सुरक्षा को लेकर एआरटीओ कार्यालय में मंथन

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पारदर्शी विकास ब्यूरो 

कुशीनगर। छात्र-छात्राओं के सुरक्षित परिवहन को लेकर सोमवार को सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) कार्यालय में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में स्कूल वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था और शासन के निर्देशों के तहत संचालित ‘मिशन सेफ फ्यूचर 2.0’ अभियान को प्रभावी बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में एआरटीओ कुशीनगर डॉ. दिलीप गुप्ता, आरआई आरडी प्रसाद वर्मा, मान्यता प्राप्त पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता आरके भट्ट तथा वरिष्ठ लेखाकार आरपी सिंह मौजूद रहे।एआरटीओ डॉ. दिलीप गुप्ता ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा परिवहन विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। विद्यालय प्रबंधन यह सुनिश्चित करें कि बच्चों के आवागमन में लगाए जाने वाले सभी वाहन फिटनेस, परमिट और निर्धारित सुरक्षा मानकों को पूरा करते हों। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।आरआई आरडी प्रसाद वर्मा ने कहा कि अनफिट अथवा मानकविहीन वाहनों से बच्चों का परिवहन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। स्कूल वाहनों की नियमित जांच के साथ चालकों की दक्षता, स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।बैठक में कहा गया कि बस, वैन समेत बच्चों के परिवहन में लगे सभी वाहनों की फिटनेस, परमिट और अन्य सुरक्षा मानकों की नियमित जांच जरूरी है। विद्यालय प्रबंधन को भी अपनी जिम्मेदारी के प्रति गंभीर रहना होगा।सामाजिक कार्यकर्ता आरके भट्ट ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा केवल परिवहन विभाग या विद्यालय प्रबंधन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों को भी सुरक्षित परिवहन के प्रति लोगों को जागरूक करने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।बैठक में विद्यालय प्रबंधन, वाहन चालकों और अभिभावकों से परिवहन विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा अनफिट एवं मानकविहीन वाहनों से बच्चों का परिवहन रोकने की अपील की गई।