
पारदर्शी विकास न्यूज़ सुलतानपुर । मंगलवार को अखिल भारतीय विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा और विश्वकर्मा ब्रिगेड के पदाधिकारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट को जिलाधिकारी को सम्बोधित एक ज्ञापन मंगलवार को दिया है। यह ज्ञापन राज्यपाल को संबोधित था, जिसमें गाजीपुर में पूर्व मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा पर हुए हमले और एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म व हत्या के मामले में न्याय की मांग की गई।यह घटना गाजीपुर जिले के करण्डा थाना क्षेत्र के कटरिया गांव की है। यहां सियाराम विश्वकर्मा की नाबालिग बेटी निशा विश्वकर्मा के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद शव को गंगा नदी में फेंक दिया गया था।पूर्व मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा निशा के परिजनों से मिलने गांव पहुंचे थे। पुलिस प्रशासन के उच्च अधिकारियों की अनुमति से पहुंचे पूर्व मंत्री पर सीओ सिटी गाजीपुर, थानाध्यक्ष करण्डा और अन्य पुलिस बल की मौजूदगी में ग्राम प्रधान आशुतोष सिंह 'आशु' द्वारा पथराव किया गया। इस पथराव में पूर्व मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि पार्टी के कई कार्यकर्ता भी चोटिल हुए। आरोप है कि पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बनी रही।ज्ञापन में प्रमुख रूप से छह मांगें रखी गई हैं। इनमें पूर्व मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा पर हमला करने वाले दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग शामिल है। अन्य मांगों में निशा विश्वकर्मा के हत्यारों को फांसी की सजा देने, उसके परिजनों को 50 लाख रुपये का मुआवजा देने और पीड़ित परिवार को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की गई है। इसके अतिरिक्त, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि आशुतोष सिंह 'आशु' के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजने और सीओ सिटी, थानाध्यक्ष करण्डा सहित संबंधित पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने की भी मांग की गई है।