
पारदर्शी विकास न्यूज़
15 जून 2026 को पड़ने वाली सोमवती अमावस्या इस बार विशेष धार्मिक महत्व लेकर आ रही है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह अमावस्या अधिक मास में पड़ रही है, जिससे इसका महत्व और बढ़ गया है।पंचांग के अनुसार अमावस्या तिथि 14 जून को दोपहर 11:14 बजे प्रारंभ होकर 15 जून को सुबह 8:45 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार 15 जून, सोमवार को सोमवती अमावस्या मनाई जाएगी।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान शिव, माता पार्वती और पितरों की पूजा का विशेष महत्व है। श्रद्धालु पवित्र नदियों में स्नान, दान-पुण्य और पितरों का तर्पण करते हैं। माना जाता है कि इससे पितृ दोष शांत होता है और परिवार में सुख-समृद्धि आती है।ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस दिन पीपल वृक्ष की पूजा, दीपदान और परिक्रमा करने से ग्रह दोषों का प्रभाव कम होता है। वहीं जरूरतमंदों को दान देना भी अत्यंत पुण्यकारी माना गया है।धार्मिक विशेषज्ञों ने श्रद्धालुओं से विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना करने और पितरों का स्मरण करने की अपील की है। इस दुर्लभ संयोग के चलते मंदिरों और तीर्थस्थलों पर विशेष धार्मिक आयोजन भी किए जाएंगे।