
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। दिल्ली के जंतर-मंतर से सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को हटाए जाने के विरोध में शनिवार को कानपुर के फूलबाग में अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग फेडरेशन ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई।फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष इंजीनियर विवेक पाल ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति या संगठन शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहा है तो उसे बलपूर्वक हटाना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस मामले पर अपना पक्ष स्पष्ट करने की मांग की।विवेक पाल ने घोषणा की कि संगठन के कार्यकर्ता 20 जुलाई को सोनम वांगचुक के समर्थन में दिल्ली पहुंचकर संसद घेराव कार्यक्रम में शामिल होंगे।प्रदर्शन के दौरान उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की। उनका आरोप था कि लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है और परीक्षा प्रणाली पर विश्वास कमजोर हुआ है। उन्होंने सरकार से भर्ती और परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।संगठन ने चेतावनी दी कि यदि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वालों पर कार्रवाई जारी रही तो आंदोलन को देशभर में और तेज किया जाएगा।प्रदर्शन में रमी पाल, हर्ष दिवाकर, प्रतिभा, शिवम पाल सहित संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।