news-details

संस्कृति और नवाचार से युवाओं को जोड़ने पर मंथन

You can share this post!


पारदर्शी विकास न्यूज़ वाराणसी। राजर्षि स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी (आरएसएमटी) में भारतीय सांस्कृतिक नवाचार सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भारतीय संस्कृति, ज्ञान, नवाचार, सृजन, वैश्वीकरण और भविष्य की संभावनाओं पर विचार-विमर्श करना रहा। निदेशक प्रभारी डॉ. अमन गुप्ता ने अतिथियों का स्वागत किया।मुख्य अतिथि प्रख्यात कृषिविद् एवं पद्मश्री चंद्रशेखर ने भारतीय कृषि परंपरा और स्थानीय ज्ञान को आधुनिक नवाचार से जोड़ने की आवश्यकता बताई। प्रो. सुनील कुमार चौधरी ने ज्ञान, विज्ञान, नवाचार और मानवीय मूल्यों के समन्वय पर विचार रखे। ग्लोबल लीडरशिप कोच पुनीत मल्होत्रा ने नेतृत्व क्षमता और व्यक्तित्व विकास में युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। अंशुमान सिंह ने संस्कृति, आतिथ्य और व्यवसाय के संबंधों पर चर्चा की।संवाद एवं परिचर्चा सत्र में डॉ. अतुल सिंह, मोनेश, हिमांशु चतुर्वेदी, फिल्म निर्देशक अजय कन्नौजिया और अभिनेता एवं थिएटर निर्देशक सुजीत अस्थाना ने विद्यार्थियों से संवाद किया। व्यावसायिक नवाचार एवं पिच एरिना में सीए धनंजय ओझा, अभिजीत सिंह और अभिनव सिंह ने उद्यमिता, निवेश, आतिथ्य उद्योग तथा नए व्यावसायिक विचारों की संभावनाओं पर मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. गरिमा आनंद ने किया। संयोजक डॉ. विनिता कालरा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।