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सोशल मीडिया पर उठे सवालों के बाद सरकार का बड़ा अभियान, मानकविहीन कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई तेज

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PARDARSHI VIKASH NEWS लखनऊ। राजधानी के अलीगंज में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद प्रदेश सरकार ने फायर सेफ्टी मानकों के अनुपालन को लेकर व्यापक अभियान शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया पर उठे सवालों और जनाक्रोश के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कोचिंग संस्थानों, लाइब्रेरी, नर्सिंग होम, मॉल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का विशेष सुरक्षा ऑडिट कराया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अग्नि सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। बेसमेंट में संचालित कोचिंग संस्थानों, नर्सिंग होम और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों की विशेष जांच की जा रही है। पार्किंग के लिए स्वीकृत बेसमेंट का उपयोग केवल पार्किंग के लिए सुनिश्चित कराने पर भी जोर दिया गया है।पुलिस, प्रशासन, अग्निशमन विभाग, विकास प्राधिकरण और विद्युत सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीमें विभिन्न जिलों में निरीक्षण अभियान चला रही हैं। प्रारंभिक जांच में बड़ी संख्या में संस्थानों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आई है।लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, गोरखपुर, मेरठ, आगरा, गाजियाबाद और वाराणसी समेत कई शहरों में कार्रवाई करते हुए सैंकड़ो कोचिंग संस्थानों को सील किया गया है। कार्रवाई की जद में कई प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान भी आए हैं।कानपुर में 22 कोचिंग सेंटर सहित 32 प्रतिष्ठानों को सील किया गया। गाजियाबाद में 59 कोचिंग सेंटरों समेत 62 संस्थानों पर कार्रवाई हुई। वाराणसी में आठ संस्थानों पर शिकंजा कसा गया। इसके अलावा सहारनपुर, रायबरेली, अयोध्या, अंबेडकरनगर, बहराइच, हापुड़ और अलीगढ़ में भी बड़े पैमाने पर जांच और कार्रवाई की गई।कई स्थानों पर जांच टीमों के पहुंचने की सूचना मिलते ही संस्थान बंद कर दिए गए। कुछ संचालक ताला लगाकर मौके से चले गए, जबकि कई जगह छात्रों को जल्दबाजी में बाहर निकलते देखा गया।उच्च शिक्षा विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को अवैध एवं अपंजीकृत कोचिंग संस्थानों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश के 72 जिलों में पंजीकृत 3,172 कोचिंग संस्थानों का सुरक्षा ऑडिट कराया जाएगा। भवन संरचना, अग्निशमन व्यवस्था, विद्युत सुरक्षा तथा अन्य अनिवार्य मानकों की गहन जांच की जाएगी।सरकार ने स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियमन अधिनियम के तहत पंजीकरण न कराने वाले अथवा सुरक्षा मानकों का पालन न करने वाले संस्थानों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।हालांकि विशेषज्ञों और अभिभावकों का कहना है कि सुरक्षा मानकों की चुनौती केवल निजी कोचिंग संस्थानों तक सीमित नहीं है। प्रदेश के अनेक विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और छात्रावासों में भी अग्निशमन एवं आपदा सुरक्षा उपकरणों की स्थिति संतोषजनक नहीं है। ऐसे में उच्च शिक्षण संस्थानों के भवनों और हॉस्टलों का भी व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराए जाने की मांग उठ रही है।अलीगंज अग्निकांड के बाद सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने केवल जांच समिति गठन, नोटिस जारी करने और औपचारिक कार्रवाई तक सीमित रहने की परंपरागत व्यवस्था पर सवाल उठाए। लोगों ने निष्पक्ष जांच, जवाबदेही तय करने और सुरक्षा मानकों की नियमित निगरानी की मांग की है।लोगों का कहना है कि दुर्घटनाओं के बाद कार्रवाई करने के बजाय समय-समय पर प्रभावी निरीक्षण, सुरक्षा ऑडिट और मानकों के अनुपालन की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।