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स्थलों को सत्यापित कर अधिक से अधिक कराएं वृक्षारोपण : डीएम

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पारदर्शी विकास , महोबा। कलेक्ट्रेट सभागार कक्ष में जिलाधिकारी गजल भारद्वाज की अध्यक्षता में जिला वृक्षारोपण समिति, जिला पर्यावरण समिति, जिला गंगा समिति एवं जिला वेटलैण्ड समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी, महोबा देवाशीष जेना द्वारा अगवत कराया गया कि वर्तमान वर्ष 2026-27 में पूरे प्रदेश में शासन के निर्देशानुसार 35 करोड़ पौधों का रोपण किया जा रहा है, जिसमें महोबा जनपद में 6906609 पौधों का रोपण वन विभाग व 24 अन्य विभागों द्वारा मिलकर किया जायेगा। वन विभाग द्वारा 3931000 पौधें वन क्षेत्रों में लगाये जायेंगे एवं अन्य विभागों द्वारा 2975609 पौधों का रोपण किया जायेगा। प्रभागीय वनाधिकारी महोबा द्वारा प्रत्येक अन्य वृक्षारोपण कार्यदायी विभागों के गड्ढ़ा खुदान की अब तक की प्रगति से जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि अन्य वृक्षारोपण कार्यदायी विभागों द्वारा दिनांक 30 मई 2026 तक 42 प्रतिशत गड्ढ़ा खुदान किया गया है तथा बताया गया कि दिनांक 31 मई 2026 तक गड्ढ़ा खुदान कार्य पूर्ण कराया जाना है। जिलाधिकारी ने कड़े निर्देश दिये गये है कि एक सप्ताह के अन्दर अन्य सभी वृक्षारोपण कार्यदायी विभाग गड्ढ़ा खुदान कार्य में प्रगति लाते हुये गड्ढ़ा खुदान की सूचना प्रभागीय वनाधिकारी महोबा को तत्काल उपलब्ध करा दें। जिलाधिकारी द्वारा आज की बैठक में सर्वप्रथम जिला वेटलैण्ड समिति के कार्यों के अन्दर समीक्षा की गयी, जिस पर प्रभागीय वनाधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद के अन्तर्गत कीरतसागर, रतन सागर एवं बेलासागर को आद्रभूमि संरक्षण अधिनियम -2017 के अन्तर्गत अधिसूचित किये जाने हेतु प्रस्ताव तैयार कर लिये गये है। शीघ्र ही प्रस्ताव सक्षम स्तर को भेजा रहा है। जिलाधिकारी ने समस्त उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिये गये कि तालाबों को कब्जामुक्त कराया जाये। साथ ही जनसहभागिता से तालाब खोदे जाने हेतु भी निर्देश दिये गये है। पर्यावरण समिति के अन्तर्गत जिलाधिकारी, महोदया द्वारा टैम्पलेट के अनुसार कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देशित किया गया। जिलाधिकारी द्वारा अपशिस्ट का निस्तारण अपशिस्ट प्रबन्ध नियम के अनुसार किये जाने हेतु अधिशाशी अधिकारी, नगर पालिका महोबा को निर्देशित किया गया। साथ ही गंगा समिति की समीक्षा के दौरान मुख्य विकास अधिकारी, महोबा को निर्देशित किया गया कि विगत वर्ष की भाँति चन्द्रावल नदी को जनसहभागिता के माध्यम से खुदाई करायी जाये।