
पारदर्शी विकास न्यूज़ अमेठी। राज्य सरकार के निर्देश पर हर घर तिरंगा अभियान की तैयारी शुरू हो गई है। अभियान के लिए तिरंगा झंडा तैयार करने की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को दी गई है।बुधवार को 'हर घर तिरंगा' अभियान की तैयारियों के दृष्टिगत मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) सुश्री पूजा साहू (IAS) द्वारा विकासखंड संग्रामपुर की ग्राम पंचायत मड़ौली का स्थलीय निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने पूर्व वर्षों की भांति इस वर्ष भी स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं द्वारा बड़े पैमाने पर बनाए जा रहे राष्ट्रीय ध्वजों के सिलाई एवं निर्माण कार्य का जायजा लिया। सीडीओ सुश्री पूजा साहू (IAS) ने झंडा निर्माण में लगी महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए संबंधित अधिकारियों व समूह सदस्यों को कड़े निर्देश दिए कि राष्ट्रीय ध्वज के निर्माण में फ्लैग कोड (ध्वज संहिता) के अनुसार कपड़े की गुणवत्ता, रंग और निर्धारित आकार/माप का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।सिलाई कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता या त्रुटि न हो और समयबद्ध तरीके से तिरंगों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी द्वारा ग्राम पंचायत मड़ौली में संचालित स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों एवं उनकी विविध आजीविका गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई तथा मौके पर उपस्थित सदस्यों से सीधा संवाद किया गया।मां कालिका SHG समूह की सदस्य राजपति (दुग्ध उत्पादन), शशि (कपड़ा सिलाई) एवं गायत्री देवी (सब्जी उत्पादन) द्वारा संचालित आजीविका कार्यों की समीक्षा की गई।मां चंद्रिका SHG सदस्य पूजा द्वारा संचालित मुर्गी पालन व संबंधित गतिविधियों का विवरण लिया गया।सद्गुरु SHG सदस्य नीतू द्वारा संचालित जनरल स्टोर की कार्यप्रणाली को परखा गया।विंध्यवासिनी बीसी सखी (BC Sakhi) के रूप में कार्यरत गीता यादव से वित्तीय समावेशन व ग्रामीण बैंकिंग सेवाओं की प्रगति की जानकारी ली गई।राधा महिला की सदस्य सीता देवी द्वारा संचालित दोना-पत्तल उत्पादन इकाई का निरीक्षण किया गया।इसके अलावा बकरी पालन व अन्य गतिविधियों में जुड़ी समूह की महिलाओं (जैसे मिथिलेश) के कार्यों को भी सराहा गया।मुख्य विकास अधिकारी सुश्री पूजा साहू (IAS) ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। 'हर घर तिरंगा' अभियान से जुड़कर महिलाएं न केवल देशभक्ति के महायज्ञ में अपना योगदान दे रही हैं, बल्कि इससे उनकी आजीविका और आय में भी वृद्धि हो रही है। उन्होंने संबंधित खंड विकास अधिकारी एवं एनआरएलएम (NRLM) की टीम को निर्देशित किया कि समूहों को बाजार से जोड़ने (Market Linkage) और उनकी स्थानीय गतिविधियों को और अधिक सशक्त बनाने हेतु हर संभव सहयोग एवं प्रशिक्षण प्रदान किया जाए।