
पारदर्शी विकास ब्यूरो
कसया, कुशीनगर। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के आह्वान पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की जिला इकाई कुशीनगर के पदाधिकारियों ने सोमवार को केरल के कासरगोड जिले के कुंबला सब-डिस्ट्रिक्ट में स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर से संबंधित प्रश्न पूछे जाने के मामले में शिक्षक गुरु प्रसाद के निलंबन के विरोध में ज्ञापन सौंपा। संगठन ने माननीय प्रधानमंत्री, केरल के राज्यपाल और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी कुशीनगर को सौंपकर निलंबन की कार्रवाई को अनुचित बतायाज्ञापन सौंपते हुए मंडल अध्यक्ष गोरखपुर राजेश शुक्ल ने कहा कि विनायक दामोदर सावरकर भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक व्यक्तित्व हैं। उन्होंने कहा कि सावरकर से संबंधित प्रश्न पूछना न तो अपराध है, न अनुशासनहीनता और न ही किसी राजनीतिक विचार का प्रचारजिला महामंत्री दिलीप पाण्डे ने कहा कि संबंधित क्विज प्रश्नावली उप-जिला शिक्षा अधिकारी (AEO/DEO) स्तर पर परीक्षण एवं अनुमोदन के बाद ही विद्यालयों में प्रसारित की गई थी। ऐसे में किसी कथित राजनीतिक आपत्ति के लिए केवल प्रश्न तैयार करने वाले शिक्षक को जिम्मेदार ठहराना न्यायसंगत नहीं है।अध्यक्ष दुदही उदय सिंह ने कहा कि जांच पूरी होने से पहले निलंबन जैसी दंडात्मक कार्रवाई से शिक्षक समुदाय में भय और असुरक्षा का माहौल बन रहा है। इससे शिक्षकों में आत्म-सेंसरशिप की प्रवृत्ति बढ़ सकती है, जो स्वतंत्र एवं निष्पक्ष शिक्षा व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।इस दौरान जिला संयुक्त मंत्री राकेश पाण्डेय, ब्लॉक अध्यक्ष हाटा सुनील सिंह, संगठन मंत्री दुदही अभिषेक तिवारी, ब्लॉक पडरौना उपाध्यक्ष रत्नेश शर्मा, उमेश उपाध्याय और राहुल शुक्ल सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।