news-details

सड़कों पर नहीं दिखने चाहिए निराश्रित गोवंश:सी डी ओ

You can share this post!

 

पारदर्शी विकास न्यूज़ अमेठी।  मुख्य विकास अधिकारी पूजा साहू ने निराश्रित गोवंशों के संरक्षण को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि निराश्रित गोवंश सड़क पर दिखने पर नोडल अधिकारी, खंड विकास अधिकारी और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को जवाबदेह माना जाएगा।सी डी ओ ने जगदीशपुर विकास खंड के निर्माणाधीन वृहद गो वंश आश्रय स्थल कठौरा का निरीक्षण भी किया। निर्माणाधीन वृहद गौशाला का निरीक्षण- ग्राम पंचायत कठौरा में निर्माणाधीन केंद्र का कार्य दो संस्थाओं द्वारा कराया जा रहा है। प्रथम भाग का निर्माण यूपी आरएनएसएस और द्वितीय भाग यूपी सीएलडीएफ द्वारा किया जा रहा है। मौके पर उपस्थित दोनों संस्थाओं के सहायक अभियंताओं, श्री प्रशांत कुमार और श्री भूपेंद्र कुमार को सीडीओ ने कड़े निर्देश दिए कि-निर्माण कार्य पूरी तरह मानक और गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए।कार्य की गति बढ़ाते हुए इसे युद्ध स्तर पर पूर्ण करना सुनिश्चित करें। निराश्रित गोवंश संरक्षण हेतु कड़े निर्देश- सड़कों पर घूम रहे निराश्रित गोवंशों के प्रति सख्त रुख अपनाते हुए सीडीओ ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी और खंड विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि गौशालाओं की क्षमता के अनुसार तत्काल संरक्षण अभियान चलाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मार्गों पर कोई भी निराश्रित गोवंश नहीं दिखना चाहिए।अस्थाई गोवंश संरक्षण केंद्र लोशन में मिली कमियां- लोशनपुर स्थित अस्थाई केंद्र के निरीक्षण के दौरान कतिपय गोवंश बिना इयर टैगिंग के पाए गए, जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने गहरा रोष व्यक्त किया। उन्होंने निर्देश दिए कि-इयर टैगिंग- सभी गोवंशों की तत्काल टैगिंग की जाए। नए आने वाले निराश्रित गोवंशों की 24 घंटे के भीतर टैगिंग और उनकी जनगणना पशु रजिस्टर में अंकित की जाए।अभिलेख- अपूर्ण अभिलेखों को तत्काल अद्यतन करने के निर्देश दिए गए। सुविधाएं- भूसा, चारा, पशु आहार और पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे। निरीक्षण में पशु आहार पर्याप्त पाया गया।स्वास्थ्य एवं स्वच्छता- सभी गोवंशों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण और परिसर की सफाई व्यवस्था सुदृढ़ रखने के निर्देश दिए गए। स्वावलंबन और सहभागिता योजना- सचिव द्वारा अवगत कराया गया कि बीते एक वर्ष में गौशाला से ₹ 10,000 की खाद बेची गई, जिसे ओएसआर खाते में जमा किया गया है। इस पर सीडीओ ने गौशाला को और अधिक स्वावलंबी बनाने की दिशा में अन्य आय सृजन प्रक्रियाएं सुनिश्चित करने को कहा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने खंड विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक लाभार्थियों को लाभान्वित किया जाए और समय-समय पर उनका भौतिक सत्यापन भी सुनिश्चित हो।निरीक्षण के दौरान मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी श्री गोपाल कृष्ण शुक्ल और खंड विकास अधिकारी जगदीशपुर कमलेश कुमार उपस्थित रहे।