
PARDARSHI VIKASH NEWS शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को नाबालिग बटुकों के कथित यौन उत्पीड़न और पॉक्सो मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। शुक्रवार को सर्वोच्च अदालत ने शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा दी गई अग्रिम जमानत रद्द करने की मांग की गई थी। इससे पहले 25 मार्च को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शंकराचार्य और उनके शिष्य मुकुंदानंद को राहत देते हुए गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी। कोर्ट ने शर्त रखी थी कि दोनों पक्ष मीडिया में बयानबाजी नहीं करेंगे और जांच में सहयोग करेंगे।मामला प्रयागराज में माघ मेला और महाकुंभ के दौरान नाबालिग बटुकों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी ने फरवरी में पॉक्सो कोर्ट का रुख किया था, जिसके बाद झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी। पुलिस ने मेडिकल जांच, बयान और अन्य साक्ष्य जुटाए थे। शिकायतकर्ता पक्ष ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन अब शीर्ष अदालत ने हस्तक्षेप से इनकार कर दिया। मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे जारी रहेगी।