
पारदर्शी विकास न्यूज़ अमेठी। गंगौली में शनिवार को निर्वाण प्राप्त भोलानाथ की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उनकी सामाजिक सेवाओं को याद करते हुए बौद्ध धम्म और बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की शिक्षाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम में भिक्षु संघ की ओर से भंते धम्म मित्र और भंते शील रत्न मौजूद रहे।परिवार की ओर से डॉ. नन्हे लाल, गया प्रसाद, राम समुझ और दीपा बौद्ध ने भिक्षु संघ को भोजन एवं वस्त्र दान किया। साथ ही कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों को अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया गया।बामसेफ के जिला संयोजक संजीव भारती ने भोलानाथ को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने अपने परिवार और समाज के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कहा कि डॉ. नन्हे लाल और दीपा बौद्ध का परिवार बाबा साहब डॉ. आंबेडकर के मानवतावादी आंदोलन और बौद्ध धम्म को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बौद्ध धम्म को वैज्ञानिक विचारधारा बताते हुए मैत्री भाव को उसका मूल आधार बताया।वरिष्ठ बसपा नेता जितेंद्र मिश्र ने कहा कि बाबा साहब डॉ. आंबेडकर ने समतामूलक समाज के निर्माण का संदेश दिया था। उन्होंने कहा कि समाज में वास्तविक समानता तभी स्थापित हो सकती है, जब अंतिम व्यक्ति के जीवन में भी सम्मान और खुशहाली आए। उन्होंने मान्यवर कांशीराम के सामाजिक परिवर्तन के प्रयासों का भी उल्लेख किया।मिश्रीलाल बौद्धाचार्य ने बौद्ध धम्म के त्रिसरण और पंचशील की व्याख्या की। सामाजिक चिंतक डॉ. सुनील दत्त ने कहा कि बौद्ध धम्म में अंधविश्वास और अवैज्ञानिक मान्यताओं के लिए कोई स्थान नहीं है।कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ बौद्धाचार्य अशोक सावंत और संजय कुमार ने किया। इस दौरान डॉ. नन्हे लाल, गया प्रसाद और राम समुझ को अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में राम अभिलाष बौद्ध, राम प्रताप, सीताराम, मनोज कुमार, शमशेर बौद्ध, लक्ष्मण प्रसाद, कमलेश कुमार, श्याम कुमार, कुल रोशन एडवोकेट, बेचू, रामदेव लहरी, नागेश्वर बौद्ध, फूलचंद्र बौद्ध समेत बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।