
पारदर्शी विकास न्यूज़ वाराणसी। ब्रेथ ईजी चेस्ट फाउंडेशन फॉर ह्यूमैनिटी, ब्रेथ ईजी टीबी, चेस्ट एवं एलर्जी केयर हॉस्पिटल, इंडियन चेस्ट सोसाइटी और आईएमए वाराणसी चैप्टर के संयुक्त तत्वावधान में होटल रिवातास में रेस्पिरेटरी कॉन्क्लेव कॉन्फ्रेंस-2026 का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में देश-विदेश के 300 से अधिक विशेषज्ञ चिकित्सकों ने भाग लिया, जबकि 10 हजार से अधिक लोग वर्चुअल माध्यम से जुड़े। कार्यक्रम का शुभारंभ पद्मश्री डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. एस.एन. संखवार, डॉ. संजय गुप्ता, डॉ. जे.सी. सूरी, डॉ. सूर्यकांत त्रिपाठी, डॉ. एस.के. पाठक और डॉ. सुनीता पाठक ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर ब्रेथ ईजी की वार्षिक पत्रिका 'बी.ई. टाइम्स' का विमोचन भी किया गया।संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने अस्थमा, टीबी, फेफड़ों की बीमारियों, स्लीप एप्निया और पल्मोनरी रिहैबिलिटेशन जैसे विषयों पर नवीनतम उपचार पद्धतियों और शोध पर चर्चा की। डॉ. एस.के. पाठक ने कहा कि आयोजन का उद्देश्य चिकित्सकों को आधुनिक तकनीकों और उपचार पद्धतियों से अवगत कराना है, ताकि मरीजों को कम समय और कम खर्च में बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जा सके।डॉ. जे.सी. सूरी ने स्लीप एप्निया के आधुनिक उपचार, स्मार्ट सीपैप तकनीक और नई दवाओं पर जानकारी दी। वहीं डॉ. सूर्यकांत त्रिपाठी ने कठिन अस्थमा के प्रबंधन, डॉ. राजाधर ने टीबी के बाद फेफड़ों में होने वाली जटिलताओं तथा डॉ. आलोक नाथ ने गर्भावस्था के दौरान अस्थमा के सुरक्षित उपचार पर अपने विचार साझा किए।मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने ऐसे वैज्ञानिक आयोजनों को चिकित्सा क्षेत्र के लिए उपयोगी बताते हुए कहा कि विशेषज्ञों के बीच ज्ञान और अनुभव का आदान-प्रदान मरीजों के बेहतर उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कार्यक्रम के अंत में सभी विशेषज्ञों को सम्मानित किया गया तथा प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया।