
पारदर्शी विकास न्यूज़ वाराणसी। सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने शनिवार को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दूसरे कार्यकाल के लिए कुलपति पद का कार्यभार ग्रहण किया। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इसे वैश्विक ज्ञान-केंद्र के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया।प्रो. शर्मा ने कहा कि 235 वर्षों से संस्कृत और भारतीय ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ा रहा यह विश्वविद्यालय आधुनिक अकादमिक आवश्यकताओं के साथ अपनी विरासत को जोड़ते हुए नई पहचान बनाएगा। विद्यार्थियों के हित, गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन, मूलभूत सुविधाओं में सुधार और लंबित कार्यों का शीघ्र निस्तारण उनकी प्राथमिकता रहेगी।उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त शिक्षकों के कारण प्रभावित हुई अध्ययन-अध्यापन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए निर्धारित नियमों के तहत शिक्षक नियुक्ति की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे शोध, प्रकाशन और अन्य अकादमिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।कुलपति ने प्रशासन में अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत करने की बात कही। उन्होंने शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी और विद्यार्थियों से विश्वविद्यालय के विकास में सामूहिक योगदान की अपील की।ज्ञातव्य है कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 17 अगस्त को प्रो. शर्मा को 38वें कुलपति के रूप में दूसरे कार्यकाल के लिए नियुक्त किया था। कार्यभार ग्रहण के दौरान कुलसचिव राकेश कुमार सहित कई शिक्षक एवं अधिकारी मौजूद रहे।