
सीजेएम कोर्ट के आदेश पर ई-रिक्शा चालक ने लगाया लूट-मारपीट का आरोप
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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नवनीत सिंह के आदेश पर चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इन पर एक ई-रिक्शा चालक ने लूटपाट, मारपीट और धमकी देने का आरोप लगाया है। नगर कोतवाल संदीप राय ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर अभियोग पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी गई है। चौक घंटाघर, कोतवाली नगर के निवासी ई-रिक्शा चालक आकाश तिवारी ने न्यायालय में शिकायत दर्ज कराई थी। उनके अनुसार, 13 मार्च 2025 को रात करीब 10:30 बजे कुड़वार नाका पर कोतवाली नगर पुलिस ने उन्हें रोककर ई-रिक्शा खड़ा करवा लिया। पुलिसकर्मियों ने उनसे गाड़ी के कागजात लेकर कोतवाली आने को कहा। आकाश तिवारी जब पैदल कोतवाली पहुंचे और बताया कि कागजात घर पर हैं, तो वहां मौजूद एक कांस्टेबल ने उनसे 2500 रुपये और मोबाइल जमा करवा लिया। उन्हें बताया गया कि सुबह कागजात दिखाकर अपना मोबाइल और पैसे ले जाना। अगले दिन, 14 मार्च 2025 को रात 8:00 बजे जब आकाश कोतवाली गए, तो एक महिला कांस्टेबल ने बताया कि पैसे और मोबाइल दीवान संजय सोनकर को दे दिए गए हैं। आकाश ने जब दीवान संजय सोनकर से अपने पैसे और मोबाइल मांगे, तो उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी सामान ले गई है। आकाश ने बताया कि उनकी शादी नहीं हुई है, जिसके बाद दीवान संजय सोनकर और चौकी इंचार्ज घंटाघर शिवानंद यादव (जो वर्तमान में एसओजी प्रभारी हैं) ने कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की और गाली-गलौज करते हुए फर्जी मुकदमे में फंसाने और जेल भेजने की धमकी दी। आकाश का आरोप है कि यह पूरी घटना कोतवाली के सीसीटीवी फुटेज में दर्ज है। पीड़ित आकाश तिवारी ने बताया कि वह निराश होकर घर लौट आए। उन्होंने कई बार कोतवाली के चक्कर लगाए, लेकिन हर बार उन्हें गाली देकर भगा दिया जाता रहा। इसके बाद उन्होंने 24 मार्च 2025 और 7 अप्रैल 2025 को पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने 29 मार्च 2025 को मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन के पोर्टल पर भी शिकायत की, पर वहां से भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। थक-हारकर उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद CJM ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।