
टॉफियां बांटकर छात्रों ने मनाई जीत
पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद राजधानी लखनऊ के इको गार्डन में प्रदर्शन कर रहे युवाओं और आज़ाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया। प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने एक-दूसरे को टॉफियां बांटी, नारे लगाए और शिक्षा मंत्री के विरोध में लाए गए पोस्टर फाड़कर खुशी जताई।इको गार्डन में नगीना सांसद चंद्रशेखर आज़ाद की अगुवाई में बड़ी संख्या में छात्र और युवा पिछले कई दिनों से छात्र आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि परीक्षा प्रणाली में सुधार किया जाए, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच हो और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की सूचना मिलते ही प्रदर्शन स्थल पर मौजूद युवाओं ने इसे अपनी जीत बताया। कई छात्रों ने राहगीरों और पुलिसकर्मियों को टॉफियां बांटी। एक छात्रा ने कहा कि इस फैसले से उसे बेहद खुशी हुई है और वह घर जाकर इसका जश्न मनाएगी।नगीना सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा कि यह आंदोलन की पहली जीत है, लेकिन सिर्फ इस्तीफा पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और नीतिगत बदलाव जरूरी हैं, ताकि भविष्य में छात्रों के साथ अन्याय न हो। उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक छात्रों की सभी प्रमुख मांगें पूरी नहीं हो जातीं।प्रदर्शन के दौरान कई छात्र अपने अनुभव साझा करते नजर आए। कुछ अभ्यर्थियों ने पेपर लीक से हुई परेशानियों का जिक्र किया, जबकि संगठन के नेताओं ने जंतर-मंतर पर हुए कथित लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच, घायल छात्रों को मुआवजा और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग दोहराई।इको गार्डन में पूरे कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और सुरक्षा व्यवस्था के बीच युवाओं ने अपनी मांगों को लेकर सरकार तक संदेश पहुंचाने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
छात्रों की यह जीत सिर्फ एक इस्तीफे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं की एकजुट आवाज़ की ताकत का प्रमाण है। अब हमारी मांग है कि परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए, पेपर लीक के दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो और छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ न हो। जब तक शिक्षा व्यवस्था में ठोस सुधार नहीं होंगे, तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा। – सांसद चंद्रशेखर