
पारदर्शी विकास न्यूज़ अमेठी। फुर्सतगंज स्थित राजीव गांधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय (आरजीएनएयू) के एयरोस्पेस विस्तार प्रस्ताव को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। इसके तहत विश्वविद्यालय को अतिरिक्त 500 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। केंद्र ने उत्तर प्रदेश सरकार को इसके लिए भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बीएन सिंह ने बताया कि आरजीएनएयू देश का एकमात्र विमानन विश्वविद्यालय है और विकसित भारत-2047 के लक्ष्य में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि एयरोस्पेस गतिविधियों के विस्तार का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया था, जिसे स्वीकृति मिल गई है।राज्य सरकार से भूमि मिलते ही प्रस्तावित क्षेत्र में अत्याधुनिक सेंटर फॉर एक्सीलेंस, लैब, रिसर्च सेंटर और अन्य आधारभूत सुविधाओं का विकास शुरू किया जाएगा। भूमि के सर्वेक्षण का कार्य भी चल रहा है। कुलपति ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के दौरान जल्द भूमि उपलब्ध कराने का आश्वासन मिला है।विश्वविद्यालय ने वर्ष 2033 तक विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाकर 17 हजार करने के लिए डेवलपमेंट मॉडल तैयार किया है। वर्तमान में संस्थान में करीब 595 छात्र अध्ययनरत हैं।राजीव गांधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय की स्थापना वर्ष 2013 में नागर विमानन मंत्रालय के तहत केंद्रीय विश्वविद्यालय के रूप में हुई थी। यह विमानन और एयरोस्पेस शिक्षा के क्षेत्र में देश का प्रमुख संस्थान है।