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वाराणसी नगर निगम में ‘नो फ्यूल डे’ की हकीकत, कर्मचारियों ने उड़ाई धज्जियां

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PARDARSHI VIKASH NEWS वाराणसी नगर निगम में शनिवार को प्रधानमंत्री के आह्वान पर महापौर द्वारा घोषित ‘नो फ्यूल डे’ अभियान की जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आई। सुबह से ही नगर निगम कार्यालय पहुंचने वाले अधिकांश कर्मचारी बाइक और स्कूटी से आते दिखाई दिए। कई कर्मचारियों ने अपने वाहन रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर और आसपास की पार्किंग में खड़े किए और हेलमेट हाथ में लेकर कार्यालय में प्रवेश किया।नगर निगम गेट पर केवल औपचारिकता के लिए लोहे की चेन लगाई गई थी, ताकि कोई वाहन अंदर न जा सके। इसके बावजूद कुछ पार्षद और सत्ताधारी दल से जुड़े लोग बाइक और स्कूटी से भीतर तक पहुंचते देखे गए। वहीं दोपहर बाद नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ई-स्कूटी से कार्यालय पहुंचे।महापौर द्वारा जारी सर्कुलर में हर शनिवार को बिना ईंधन वाहन के कार्यालय आने की अपील की गई थी। गुरुवार को स्वयं महापौर पैदल कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन शनिवार को अभियान का असर धरातल पर कमजोर नजर आया।कई कर्मचारियों का कहना था कि उनके घर कार्यालय से काफी दूर हैं, ऐसे में बिना वाहन आना व्यावहारिक रूप से मुश्किल है। उनका यह भी कहना था कि इलेक्ट्रिक वाहन की सुविधा न होने के कारण वे मजबूरी में बाइक का इस्तेमाल कर रहे हैं।इसी दौरान कुछ स्कूटी, जिन पर राजनीतिक पदाधिकारियों से जुड़े स्टिकर लगे थे, नगर निगम परिसर के भीतर तक जाती दिखीं। वहीं गेट के बाहर रोक-टोक के बावजूद अंदर प्रवेश को लेकर भी बहस की स्थिति बनी।दोपहर बाद नगर आयुक्त के ई-स्कूटी से पहुंचने के बाद अभियान को लेकर औपचारिकता निभाने की तस्वीर जरूर सामने आई, लेकिन पूरे दिन नगर निगम परिसर में ‘नो फ्यूल डे’ का असर सीमित ही नजर आया।