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वृंदावन की अमूल्य धरोहर थे डॉ. रमेश चंद्र विधिशास्त्री

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पारदर्शी विकास न्यूज़ वृन्दावन।केशी घाट मोड़-गोपीनाथ बाजार स्थित शुकाचार्य पीठ के अध्यक्ष आचार्य डॉ. रमेश चन्द्र विधिशास्त्री महाराज का वैकुण्ठ-वास दिनांक 26 जून शुक्रवार को ब्रह्म-मुहूर्त में हो गया है।जिनकी श्रद्धांजलि सभा दिनांक 28 जून 2026 रविवार को सायं 04 से 05 बजे तक भगवान दास कृपा धाम, श्रीजानकी वल्लभ मंदिर, निकट केशी घाट, श्रीधाम वृन्दावन में आयोजित होगी।जिसमें नगर के समस्त सन्त, विद्वान, भक्त-श्रद्धालु उनके चित्रपट के समक्ष अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। शुकाचार्य पीठाधीश्वर डॉ. रमेश चन्द्र विधिशास्त्री महाराज के आकस्मिक वैकुण्ठ गमन पर अपनी भावांजलि व्यक्त करते हुए ब्रज साहित्य सेवा मंडल के अध्यक्ष व प्रख्यात साहित्यकार "यूपी रत्न" डॉ. गोपाल चतुर्वेदी ने कहा कि बैकुंठवासी डॉ. रमेश चन्द्र विधिशास्त्री महाराज श्रीधाम वृन्दावन की बहुमूल्य विभूति थे।वे श्रीमद्भागवत, रामायण, भगवद्गीता आदि कई धर्मग्रंथों के प्रकांड विद्वान थे।साथ ही उन्हें हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत व बांग्ला सहित कई भाषाओं में महारथ हासिल था। उनके न रहने से धर्म व अध्यात्म जगत को जो अपूर्णनीय क्षति हुई है,उसकी भरपाई कर पाना असंभव है।वे अपने पीछे श्रीमती विनीता आचार्य (धर्मपत्नी), आचार्य भूतिकृष्ण (सुपुत्र), विष्णुप्रिया-गौरव (पुत्री-दामाद) व राधिका-हर्षद आदि के रूप में शोकाकुल परिवार को छोड़ गए हैं। बैकुण्ठवासी डॉ. रमेश चन्द्र विधिशास्त्री महाराज के आकस्मिक निधन पर श्रीमज्जगद्गुरु विष्णुस्वामी विजयराम देवाचार्य भैयाजी महाराज (बल्लभगढ़ वाले), पुराणाचार्य डॉ. मनोज मोहन शास्त्री, भागवताचार्य मृदुलकांत शास्त्री, आध्यात्मिक पत्रकार डॉ. राधाकांत शर्मा एवं विष्णु दान शर्मा आदि ने भी शोक व्यक्त किया है।