
पारदर्शी विकास न्यूज़ वाराणसी।
पं. कमलापति त्रिपाठी की 121वीं जयंती के अवसर पर औरंगाबाद हाउस में आयोजित समारोह में वरिष्ठ साहित्यकार, कवि, रंगकर्मी एवं नागरी प्रचारिणी सभा के प्रधानमंत्री व्योमेश शुक्ल को पं. कमलापति त्रिपाठी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं साहित्य सम्मान से सम्मानित किया गया। उन्हें प्रशस्ति-पत्र, स्मृति चिह्न और एक लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान की गई।
सम्मान ग्रहण करने के बाद व्योमेश शुक्ल ने कहा कि पं. कमलापति त्रिपाठी को केवल राजनेता के रूप में देखना उनके विराट व्यक्तित्व को सीमित करना होगा। उनके व्यक्तित्व को समझने के लिए औरंगाबाद हाउस की ज्ञान, साहित्य, संस्कार और सांस्कृतिक परंपरा को समझना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पं. कमलापति त्रिपाठी की राजनीति जनसेवा, लोककल्याण और सार्वजनिक मर्यादा से जुड़ी थी।
शुक्ल ने नागरी प्रचारिणी सभा की स्वायत्तता के प्रति पं. कमलापति त्रिपाठी के दृष्टिकोण को याद करते हुए कहा कि उन्होंने संस्था को सरकारी नियंत्रण में देने के बजाय उसकी आंतरिक शक्ति से पुनः खड़ा होने पर विश्वास किया। उन्होंने सांस्कृतिक विरासत, जल, मंदिर, वृक्ष, रामलीला और बच्चों के बचपन को बचाने का आह्वान किया।