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यूपी की जेलों में बड़ा बदलाव, बंदी वार्डर प्रणाली लागू

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पारदर्शी विकास न्यूज़ प्रयागराज। उत्तर प्रदेश की सेंट्रल जेलों में सजायाफ्ता बंदियों की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। अब जेलों में चुने गए नंबरदारों को “बंदी वार्डर” के रूप में प्रमोशन देकर नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस नई व्यवस्था के तहत इन बंदियों की भूमिका और अधिकार दोनों बढ़ा दिए गए हैं।महानिरीक्षक (जेल) पीसी मीना द्वारा जारी आदेश के बाद पूरे प्रदेश में कुल 125 बंदियों को बंदी वार्डर के रूप में नियुक्त किया गया है। पहले इन्हें “बंदी ओवरसियर” के नाम से जाना जाता था। नैनी सेंट्रल जेल में भी 19 सजायाफ्ता बंदियों पर यह व्यवस्था लागू की गई है।जेल प्रशासन के अनुसार, नंबरदार वे बंदी होते हैं जिन्होंने अपनी सजा का एक चौथाई हिस्सा पूरा कर लिया होता है और उन्हें भरोसे के आधार पर जिम्मेदारी दी जाती है। ये बंदी जेल में अनुशासन बनाए रखने, बैरकों की निगरानी और गिनती जैसी व्यवस्थाओं में मदद करते हैं।नई व्यवस्था के तहत बंदी वार्डरों को विशेष लाल वर्दी, टोपी, डंडा, टॉर्च और नेम प्लेट दी गई है। उनकी सुविधाओं में भी बढ़ोतरी की गई है, जिसमें कैंटीन कूपन राशि में वृद्धि, अतिरिक्त मुलाकात और पत्र व्यवहार की अनुमति शामिल है।जेल प्रशासन का कहना है कि इस कदम से जेल व्यवस्था और अधिक प्रभावी और अनुशासित होगी।