
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीट बंटवारे को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। कांग्रेस के नए प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल द्वारा गठबंधन में 50 प्रतिशत सीटों की हिस्सेदारी की बात कहे जाने के बाद कानपुर में दोनों दलों के नेताओं ने अपने-अपने दावे पेश किए।कांग्रेस नेताओं का कहना है कि कानपुर की कई विधानसभा सीटों पर पार्टी का जनाधार मजबूत हुआ है। उनका दावा है कि 2022 के विधानसभा चुनाव और बाद के चुनावों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गठबंधन प्रत्याशियों की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पार्टी ने सभी विधानसभा सीटों के संभावित उम्मीदवारों के नाम भी संगठन को भेज दिए हैं। कांग्रेस का कहना है कि यदि गठबंधन होता है तो सीटों का बंटवारा बराबरी के आधार पर होना चाहिए।वहीं समाजवादी पार्टी ने सीटों के बंटवारे पर अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व पर छोड़ दिया है। सपा नेताओं का कहना है कि गठबंधन होने की स्थिति में उन्हीं सीटों पर समझौता होगा, जहां सहयोगी दल की जीत की संभावना मजबूत होगी। फिलहाल पार्टी सभी विधानसभा सीटों पर अपनी तैयारी कर रही है।उधर भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष के सीट बंटवारे के मुद्दे पर निशाना साधा है। भाजपा नेताओं का कहना है कि विपक्ष में सीटों को लेकर केवल राजनीतिक खींचतान चल रही है। उनका दावा है कि गठबंधन हो या न हो, आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा ही जीत दर्ज करेगी।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और सपा के बीच सीटों को लेकर होने वाली बातचीत आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है। गठबंधन की तस्वीर और सीटों का अंतिम फार्मूला दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व के निर्णय के बाद ही साफ होगा।